नहीं पहुंच पा रही प्रशासन की मदद
गांव मस्जिद नगला के लगभग 20 परिवार नाव से इमादपुर गांव की सड़क पर पहुंच गए हैं। बाढ़ पीड़ितों के सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रशासन ने आजाद नगर, मस्जिद नगला और पैलानी के बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल छह नावों की व्यवस्था कर दी है, लेकिन बटन नगला, मोती नगला, लोहार नगला, पकड़िया नगला, धोबियन नगला, बांसखेड़ा आदि गांवों के बाढ़ पीड़ित पलायन करने के लिए अब तक एक भी नाव का इंतजाम नहीं किया गया है। इससे इन गांवों के बाढ़ पीड़ित अपनी जानमाल की सुरक्षा के प्रति सशंकित हैं।
ग्राम पंचायत भरतपुर के प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत के मजरा पंखिया नगला, पकड़िया नगला, धोबियन नगला के एक माह से जलमग्न होने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों की कोई मदद नहीं कि गई है। इसी तरह ग्राम पंचायत गुटेटी उत्तर के प्रधान अलवर सिंह ने भी अपनी ग्राम पंचायत के मजरा मोहकमपुर, महोलिया, गुटेटी उत्तर, धींयरपुरा आदि के जलमग्न होने के बाद भी किसी तरह की सरकारी मदद नहीं किए जाने पर रोष जताया है।
भाकियू ने की नाव दिलाने की मांग
रामगंगा की बाढ़ से तटवर्ती ग्राम बीघापुर पूर्वी चौतरफा घिर गया है। ग्रामीण रास्ते में भरे तीन से चार फुट तक गहरे पानी से निकलकर जरूरत का सामान लेने जरीयनपुर की बाजार जा रहे हैं। भाकियू जिला उपाध्यक्ष उदयवीर सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम को ज्ञापन देकर बीघापुर के ग्रामीणों को नाव उपलब्ध करवाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि रामगंगा की बाढ़ से चौतरफा घिरे ग्राम बीघापुर पूर्वी के बाढ़ पीड़ितों के आवागमन के लिए नाव दिए जाने, ग्राम पहरुआ में बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए कच्चे बांध की मरम्मत, जरीयनपुर गांव में गोकुल नगला जाने वाले रास्ते पर लटकते हाईटेंशन विद्युत लाइन के नीचे सुरक्षा की दृष्टि से जाल लगाए जाने और ग्राम पंचायतों में बनी गोशालाओं में छुट्टा पशुओं का संरक्षित किए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में लालाराम वर्मा, रामसिंह, कृष्णपाल गौतम, वेदराम, नन्हेंलाल व अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।