मिर्जापुर। गंगा के ढाईघाट पर कार्तिक मेले की शुरुआत शुक्रवार से हो गई। धीरे-धीरे तट पर तंबुओं का शहर बस रहा है। पहले दिन ज्यादा श्रद्धालु नहीं पहुंचे। अभी गंगा घाटों तक न तो बिजली की व्यवस्था हो सकी है और न ही आने-जाने के लिए सड़क बन सकी है।
कोरोना के कारण दो साल से मेला नहीं लग सका था। इस वजह से उम्मीद जताई जा रही है कि मेले में पहले की तरह भारी भीड़ उमड़ेगी। मेले में पहले दिन सड़कों का हाल सबसे खराब रहा है। घाट मार्ग पर रेत के ढेर में वाहन निकलना तो दूर, लोगों को पैदल चलने में भी मुश्किल हो रही है। जिला पंचायत सदस्य ओमपाल सिंह की बाइक घाट मार्ग पर रेत के ढेर में फंस गई। किसी तरह धक्का देकर बाइक को निकाला गया। घाट मार्ग के आसपास बसेरा कर रहे गंगाधर और जमुनाधर ने हैंडपंप के न चलने, घाटों तक बिजली न होने तथा सड़क के नाम पर रेत एकत्र कर पानी का छिड़काव की शिकायत की। ओमपाल ने जिला पंचायत के अपर मुख्याधिकारी से आपत्ति जताई। एएमए महावीर सिंह यादव ने रात तक घाट मार्ग के आवागमन योग्य होने तथा बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था कर देने का आश्वासन दिया है।
पुलिस बल के साथ फ्लड यूनिट भी तैनात
एसपी एस. आनंद ने मेले की सुरक्षा के लिए मिर्जापुर थाने की पुलिस के सहयोग के लिए कई थानों के पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। साथ ही फ्लड यूनिट, पीएसी और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए जिले के विभिन्न थानों से 15 उपनिरीक्षक, 20 प्रधान आरक्षी, 50 आरक्षी, 15 महिला आरक्षी, पांच ट्रैफिक पुलिस के जवान, एक फायर टेंडर, एक प्लॉटून पीएसी, पीएसी की फ्लड यूनिट आदि को लगाया गया है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली से यात्रियों का आना प्रतिबंधित
मिर्जापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि कार्तिक मेले के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली से यात्रा करना शासन स्तर से प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैक्टर-ट्रॉली से मेले में न आएं, वर्ना कार्रवाई की जाएगी।