मोहल्ला तारीन टिकली में यम का दीपक जलातीं महिलाएं। संवाद
शाहजहांपुर। छोटी दीपावली रविवार को धूमधाम से मनाई गई। नरक चतुर्दशी पर महिलाओं ने घर के बाहर यम का दीया जलाया और मनोवांछित फल की प्राप्ति की कामना की। छोटी दीपावली के मौके पर लोगों ने घरों में पूजा-अर्चना की गई। घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को भी रंग- बिरंगी झालरों से सजाया गया। शाम होते ही इलाके बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से जगमग हो उठे। पटाखों की धूम रही।
श्री रुद्र बालाजी धाम के पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी के दिन ही भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध करके 16,000 महिलाओं को उसकी कैद से मुक्त कराया था। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन प्रातः काल अपामार्ग की पत्तियां जल में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है।
विधि-विधान से पूजा करने वाले व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो स्वर्ग को प्राप्त करते हैं। उन्होंने बताया कि नरक चतुर्दशी को हनुमान जयंती के नाम से भी जाना जाता है, इसलिए इस दिन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। छोटी दीपावली नरक चतुर्दशी के दिन शाम के समय यम देवता के लिए विशेष रूप से दीया जलाया जाता है।
दीपावली पर करें श्री सूक्त, कनकधारा और लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ
श्री रुद्र बालाजी धाम के पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि दीपावली पर पूजन का मुहूर्त तीन बार आता है। उन्होंने बताया कि इस दिन घर में श्रद्धालुओं को श्री सूक्त, कनकधारा और लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से घर में कभी धन दौलत कि कमी नहीं होती है। सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है।
मोहल्ला तारीन टिकली में यम का दीपक जलातीं महिलाएं। संवाद
मोहल्ला तारीन टिकली में यम का दीपक जलातीं महिलाएं। संवाद
मोहल्ला तारीन टिकली में यम का दीपक जलातीं महिलाएं। संवाद