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ग्राम प्रधान ने बाल पोषाहार बेचते ग्रामीण को पकड़ा

Mon, 27 Jun 2016 09:12 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में वितरित होने वाला पोषाहार खुले बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है। मदनापुर क्षेत्र के गांव कोना याकूबपुर में यह गोरखधंडा वहां के ग्राम प्रधान ने स्वयं पकड़ा। विभागीय जांच में पुष्टि भी हो चुकी है, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई लंबित है। कोना याकूबपुर के ग्राम प्रधान श्याम किशोर अगिभनहोत्री ने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर नियमित पोषाहार वितरण नहीं किए जाने की कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अफसरों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इधर, पोषाहार की बिक्री किए जाने की शिकायतें उठने के साथ ग्राम प्रधान की भूमिका पर सवाल उठने लगे। इस पर उन्होंने सुराग लगाकर पिछले दिनों एक व्यक्ति को पोषाहार के 20 पैकेट ले जाते पकड़ लिया। ग्राम प्रधान ने कई ग्रामीणों को गवाह बनाकर उनके सामने पोषाहार के साथ पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री से खरीदकर ले जा रहा था। जब्त पैकेट एक ग्रामीण की सुपुर्दगी में देकर ग्राम प्रधान ने मामले की सूचना बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश चंद्र मिश्रा को दी। डीपीओ ने जलालाबाद के सीडीपीओ डॉ. अनूप सिंह से जांच कराई तो प्रकरण काफी हद तक सही पाया गया। जांच अधिकारी डॉ. सिंह ने अपनी आख्या में कहा है कि बिक्री किए गए पोषाहार पैकेट ग्राम प्रधान द्वारा पकड़े जाने की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार जिस व्यक्ति द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्री से पोषाहार लिया गया, वह मौके पर उपस्थित नहीं पाया गया। इस रिपोर्ट पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार पोषाहार का दुरुपयोग प्रमाणित होने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री समेत खरीदार पर भी कार्रवाई होगी। 
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सीडीपीओ ने अभी जांच आख्या उपलब्ध नहीं कराई, लेकिन प्रकरण से जुड़े अन्य कई तथ्य भी बताए हैं। ग्राम प्रधान द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पति से टेलीफोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग भी सुनाई गई है, जिसे गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है।  -हरिश्चंद्र मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना
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