लेखक प्रताप सहगल द्वारा लिखित और निर्देशक राजेश गुप्ता उर्फ पंछी की देखरेख में मंचित नाटक में दिखा गया कि अमित खन्ना नाम का युवक घर की जिम्मेदारियों और समाज द्वारा उपेक्षित होकर आत्महत्या करना चाहता है, लेकिन उसे आत्महत्या का तरीका नहीं पता। सूत्रधार और प्रतिनिधि के बताए तरीकों से वह पूरी रात मरने की कोशिश करता है, लेकिन मर नहीं पाता। नाटक का अंत सुखद हो, इसलिए निर्देशक मुख्य पात्र के नए सिरे से जिंदगी जीने का मंचन करता है।
नंदिनी कला केंद्र की ओर से गांधी भवन में हुआ नाटक ‘मौत रात भर क्यों नहीं आती?’ का मंचन
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शाहजहांपुर। नंदिनी कला केंद्र की ओर से गांधी भवन में नाटक ‘मौत रात भर क्यों नहीं आती?’ का मंचन किया गया। नाटक में आत्महत्या के लिए नए-नए तरीके अपना रहे पात्र ने लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।
लेखक प्रताप सहगल द्वारा लिखित और निर्देशक राजेश गुप्ता उर्फ पंछी की देखरेख में मंचित नाटक में दिखा गया कि अमित खन्ना नाम का युवक घर की जिम्मेदारियों और समाज द्वारा उपेक्षित होकर आत्महत्या करना चाहता है, लेकिन उसे आत्महत्या का तरीका नहीं पता। सूत्रधार और प्रतिनिधि के बताए तरीकों से वह पूरी रात मरने की कोशिश करता है, लेकिन मर नहीं पाता। आखिर में उसके दोस्त के भेजे ड्राफ्ट को पाकर वह मर जाता है। नाटक का अंत सुखद हो, इसलिए निर्देशक मुख्य पात्र के नए सिरे से जिंदगी जीने का मंचन करता है। नाटक स्व. राजू श्रीवास्तव को समर्पित किया गया।
मंचन से पूर्व नंदिनी कला केंद्र की ओर से यशस्वी सम्मान-2022 से रंगकर्मी सुहेल संन्यासी, अरविंद पांडेय एडवोकेट, रंगकर्मी व अभिनेता योगेश पांडेय, व्यापार के क्षेत्र में सुशील गुप्ता का सम्मान किया गया। वहीं सीडीओ एसबी सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान, सर्वेश मिश्रा उर्फ धांधू एडवोकेट ने कलाकारों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।