जिला स्तरीय सिंचाई बंधु समिति की बुधवार को जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में फसलों की गेहूं, गन्ना, चना आदि फसलों में सिंचाई के लिए नहरों और राजकीय नलकूपों की भौतिक स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव ने अधिकारियों को सभी नहरों और नलकूपों को चालू हालत मेें रखने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि नहरों के कटने से फसलों को जलभराव से नुकसान की दशा में अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी। अधिशासी अभियंता आरके वर्मा द्वारा ताहरपुर, लोधीपुर, गंधरपुर आदि माइनरों की सिल्ट सफाई का विवरण दिए जाने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने उन सभी नहरों की सूची तलब की, जहां काम कराया जा रहा है। उन्होंने निगोही क्षेत्र में कजरी माइनर के अंतिम छोर तक प्राथमिकता के आधार पर पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। रोजा रजबहा बार-बार कटने के बारे में सवाल किए जाने पर राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना के एक्सईएन उस्मान अली ने बताया कि संबंधित मेठ को नहर की निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है। बैठक में मौजूद नगर विधायक के प्रतिनिधि मानवेंद्र सिंह तिलहर क्षेत्र के गांव रमापुर बरकतपुर में कुलाबों की निर्माणाधीन नालियों में पीला ईंट प्रयोग किए जाने पर आपत्ति की। साथ ही बंथरा में बिजली लाइन गिरने से क्षतिग्रस्त हुई चार एकड़ गन्ना फसल का संबंधित किसान को मुआवजा दिलाने की मांग की। राजकीय नलकूपों की समीक्षा से पता चला कि सुधारात्मक प्रक्रिया में शामिल 29 में से दस नलकूप चालू कर दिए हैं। छतेनी और सहजना गांव में बिजली लाइनों के ढीले तारों की समस्या का उल्लेख होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन ग्रामीण अशोक सुंदरम को बिजली लाइनें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। खास यह रहा कि पहले यह बैठक विकास भवन सभागार में होनी थी, लेकिन वहां के नाजिर ने सभागार एक अन्य बैठक के लिए एलॉट कर दिया। इसे लेकर समिति के सदस्यों ने नाजिर के विरुद्ध खासा रोष व्यक्त किया। बैठक में भावलखेड़ा ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि विजय प्रेमी, भूमि संरक्षण अधिकारी, शारदा नहर खंड के अवर अभियंता, वन विभाग के एसडीओ, लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आदि मौजूद रहे।