जलालाबाद स्थित परशुराम मंदिर प्रांगण में आर्किटेक्ट से विचार विमर्श करते पर्यटन अधिकारी
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। पर्यटनस्थल घोषित होने के बाद परशुराम मंदिर के आसपास सौंदर्यीकरण और जरूरत के मुताबिक निर्माण कार्य कराने की कार्ययोजना तैयार करने के लिए लखनऊ के आर्किटेक्ट के साथ यहां पहुंचे पर्यटन अधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पर्यटन अधिकारी ने मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों से निर्माण कार्य को लेकर विचार-विमर्श किया।
25 जून को यहां आए वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने मंदिर परिसर में बहुउद्देशीय हॉल, सत्संग भवन समेत जरूरत के मुताबिक कराए जाने वाले अन्य कार्यों की गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक कार्ययोजना तैयार कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह कार्य शाहजहांपुर में शहीद संग्रहालय की डिजाइन तैयार करने वाले लखनऊ स्काई लाइन कंपनी के आर्किटेक्ट ज्ञानप्रकाश से कराने को कहा था। रविवार को क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ब्रजपाल सिंह के साथ ज्ञानप्रकाश अपनी टीम लेकर यहां पहुंचे। उन्होंने मंदिर परिसर में होने वाले निर्माण कार्य, रामताल के किनारे पाथवे तथा मंदिर तक पहुंचने को प्रस्तावित रास्ते पर बनने वाले गेट व पार्क आदि के लिए स्थलीय निरीक्षण करके नापजोख की।
पर्यटन अधिकारी ने बताया कि मंदिर के आसपास नाली व बिजली के खंभे तथा तार आदि अंडरग्राउंड होंगे। मंदिर के सामने स्थित प्राचीन कुएं को आकर्षक रूप दिया जाएगा। मंदिर के बाहर पूरे परिसर में स्टोन कलॉउडिंग कराई जाएगी। परिसर में छुट्टा पशुओं की रोकथाम की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि रामताल के चारों तरह सैर के लिए पाथ-वे बनाया जाएगा और उसके पीछे विभिन्न तरह के पेड़ व एक तरफ़ पार्क का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं के बैठने व उनकी सुविधा का ध्यान रखने के लिए भी कई तरह के कार्य होंगे। इस दौरान पर्यटन विभाग के मनीष के अलावा परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति के गोपाल मोहन द्विवेदी, रामू अग्निहोत्री, टीटू भारद्वाज, शानू अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।