शाहजहांपुर। 29 अप्रैल को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह में भाजपा जनबल जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करेगी। करीब 450 वाहनों से लगभग 15 हजार कार्यकर्ता व आमजन को समारोह में ले जाने की तैयारी कर ली गई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा ने बताया कि उद्घाटन समारोह में करीब ढाई सौ बसों और दो सौ अन्य वाहनों से कार्यकर्ता व आमजन समारोह में पहुंचेंगे। लगभग 15 हजार लोगों के जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि समारोह में प्रधानमंत्री को सुनने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचे, इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
जिले के 31 मंडल अध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों की बैठक कर निर्देशित किया था। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल ने भी बैठक कर जिलाध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों व मंडल अध्यक्षों को दिशा-निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में मौजूद रहे जलालाबाद नगर मंडल अध्यक्ष सुधीर गुप्ता ने बताया कि पूरे जनपद की अलग-अलग विधानसभावार तैयारियों को लेकर चर्चा कर अंतिम रूप दिया गया है।
डीएम ने बैठक में दिए निर्देश
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में लोगों के आने-जाने की व्यवस्था के मद्देनजर अधिकारियों को निर्देशित किया गया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि सभी बसें 29 अप्रैल को सुबह 5:30 बजे निर्धारित समय पर रवाना होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि लाभार्थियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, सीएमओ डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार भी मौजूद थे।
594 किमी का मेगा कॉरिडोर लोकार्पण को तैयार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाली गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे देश को समर्पित करने जा रहे हैं। करीब 594 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है, बल्कि इसे सरकार की रणनीतिक योजना और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के प्रभावी क्रियान्वयन का एक सफल उदाहरण भी माना जा रहा है। लगभग 37 हजार करोड़ की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट को चार प्रमुख पैकेज (ग्रुप) में विभाजित कर तेजी से आगे बढ़ाया गया। यही ‘मल्टी-पैकेज’ मॉडल इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ, जिसने इतने बड़े प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाई।
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को चार प्रमुख पैकेज में विभाजित कर अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से क्रियान्वित किया गया। इस मॉडल के तहत प्रमुख डेवलपर्स और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स को समानांतर रूप से काम करने का अवसर मिला, जिससे निर्माण कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई। पहले पैकेज की लंबाई 129.70 किमी रखी गई, जिसकी कुल लागत 9 हजार करोड़ से अधिक है। दूसरे पैकेज की लंबाई 151.70 किमी और कुल लागत लगभग 9 हजार करोड़ है। तीसरे पैकेज की लंबाई 155.70 किमी तथा कुल लागत लगभग 9 हजार करोड़ निर्धारित है। चौथे और सबसे लंबे पैकेज की लंबाई 156.847 किमी है, जिसकी कुल लागत लगभग 9.5 हजार करोड़ है।
चार पैकेज में विभाजन के बाद परियोजना न केवल गति से बढ़ी, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई। नियमित समीक्षा, तकनीकी समन्वय और ग्राउंड लेवल पर मॉनिटरिंग के कारण प्रत्येक पैकेज में कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ता रहा।
चारों पैकेज में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जो इस परियोजना के विशाल पैमाने को दर्शाता है। गंगा एक्सप्रेसवे केवल यातायात सुविधा नहीं देगा, बल्कि इसे एक विशिष्ट आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ जुड़े इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्सों से जोड़ते हुए यात्रा समय को काफी कम करेगा। साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे।