देवकली। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने भैंसी नदी पुनर्जीवन अभियान का पूजा-अर्चना कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए तालाब, पोखर और जल स्रोतों का विशेष महत्व है।
डीएम ने कहा कि वर्षा के दौरान बाढ़ की समस्या को नियंत्रित करने में तालाबों और पोखरों की अहम भूमिका होती है। प्रदेश सरकार के चलाए गए प्रत्येक जनपद में एक नदी को पुनर्जीवित करने के अभियान में भैंसी नदी पुनर्जीवन अभियान चलाया जा रहा है।
डीएम ने पौधरोपण के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि पेड़ों की गहरी जड़ें मिट्टी को मजबूती प्रदान करती हैं और वर्षा के जल को धरती में रोकने में सहायक होती हैं।
उन्होंने बताया कि अब नदी की दूसरी धारा, जिसकी लंबाई लगभग 25-26 किलोमीटर है, उसकी खोदाई का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने एडीएम समेत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक दूसरे-तीसरे दिन मौके पर जाकर कार्य की निगरानी करें और पिछली बार की तरह अभियान को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाएं।
इस दौरान सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी, एडीएम एफआर अरविंद सिंह, लोकभारती संस्था सदस्यों और ग्रामीणों की मौजूदगी रही।