जलालाबाद स्थित भगवान परशुराम का मंदिर। संवाद
जलालाबाद। भगवान परशुराम की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा बजट का पेच फंस जाने से ढाई साल भी मूर्तरूप नही ले सकी। शासन द्वारा मुख्यमंत्री संवर्धन योजना में इस प्राचीन स्थल को शामिल कर लेने से अब इस प्राचीन स्थल के विकास और सुंदरीकरण की उम्मीद बढ़ गई है।
शासन की इस योजना के तहत नगर के मोहल्ला खेड़ा में स्थित भगवान परशुराम जन्मस्थली मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधा मुहैया कराने तथा उसके सुंदरीकरण के लिए 19 करोड़ की लागत के भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। निर्माणदायी संस्था यूपीपीसीएल ( उप्र प्रोजेक्ट को-ऑपरेशन लिमिटेड) को पहली किस्त के रूप में पांच करोड़ की धनराशि भी आवंटित कर दी गई है। संस्था अब आगे की औपचारिकताएं पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कर देगी। इसको लेकर संस्था के अधिकारी कई बार स्थलीय निरीक्षण कर चुके हैं।
24 अक्टूबर 2022 को प्रदेश सरकार द्वारा भगवान परशुराम की इस जन्मस्थली को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद पर्यटन विभाग बरेली व लखनऊ की स्काईलाइन कंपनी ने संयुक्त सर्वे कर 87 करोड़ की लागत का प्रस्ताव शासन को भेजा था। बजट की धनराशि ज्यादा होने से प्रदेश सरकार ने इसे केंद्र सरकार को भेज दिया है। केंद्र सरकार की मंजूरी न मिलने से सरकार की यह घोषणा मूर्तरूप नहीं ले सकी। इस साल के शुरुआत में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास से भगवान परशुराम की जन्मस्थली मुख्यमंत्री संवर्धन योजना में शामिल कर ली गई।
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प्रस्तावित हैं ये कार्य
पुरानी धर्मशाला को हटाने के बाद उसके क्षेत्र में वृद्धि करके उसके ग्राउंड फ्लोर पर सत्संग हाल, उसके प्रथम तल को मंदिर से जोड़कर परिक्रमा स्थल को बढ़ाना तथा उसे पास में ही बने दूसरे धर्मशाला से जोड़ना, द्वितीय तल पर सुइट रूम व अन्य निर्माण तथा तृतीय तल पर सभी व्यवस्थाओं से युक्त पुजारी आवास का निर्माण प्रस्तावित है। इस बहुद्देश्यीय भवन में सीढ़ियों के अलावा लिफ्ट लगना भी प्रस्तावित है। पूरे स्थल में पत्थर तथा रेलिंग लगाने का कार्य, श्रद्धालुओं के लिए टिन शेड व बेंच आदि लगाने तथा स्थल के आसपास मौजूद नालियों व बिजली की अंडरग्राउंड व्यवस्था की जाएगी। पेयजल सहित श्रद्धालुओं को विभिन्न तरह की सहुलियत मुहैया कराने के कार्य प्राथमिकता से होंगे।
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नए कलेवर में नजर आएगा हनुमतधाम
शहर की आध्यात्मिक पहचान हनुमत धाम के विकास के लिए भी लगातार कार्य हो रहे हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पक्का पुल तक पाथ-वे का निर्माण होगा। शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। करीब 15 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। टाइल के साथ किनारे पर सुंदरता के लिए फूल वाले पौधे भी रोपे जाएंगे। सिटी पार्क के पीछे से हनुमत धाम तक रोप-वे बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए डीपीआर बनाने की कवायद शुरू की गई थी लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।