शाहजहांपुर। वायरल बुखार फैलने के साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज की बीमार व्यवस्थाएं मरीजों को बेहाल कर रही हैं। मरीजाें को पर्चा बनवाने से लेकर स्ट्रेचर तक के लिए भटकना पड़ रहा है। शौचालयों में गंदगी के कारण लोग वहां जाने से भी कतराते हैं।
बरसात के विदा होने व सर्दी के दस्तक देने से वायरल संक्रमण ने लोगों को घेरना शुरू कर दिया है। इससे बुखार का प्रकोप एक बार फिर से फैलने लगा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में काफी भीड़ उमड़ रही है। मरीजों को सबसे ज्यादा पर्चा बनवाने के लिए जूझना पड़ रहा है। इंटरनेट बंद होने से तेजी से पर्चे नहीं बन पाते हैं। भीषण गर्मी में पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन में लगकर मरीजों की तबीयत अधिक बिगड़ रही है। इसके बाद डॉक्टर के चैंबर के बाहर उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
खांसी-जुखाम के मरीजों से दूसरे लोगों को भी संक्रमण का डर बना रहता है। दूसरी ओर इमरजेंसी में मरीजों को स्ट्रेचर के लिए भटकना पड़ रहा है। स्ट्रेचर नहीं होने पर तीमारदार मरीजों को गोद में उठाकर बेड तक ले जाते हैं। वार्ड के शौचालय भी गंदे पड़े हैं। नियमित सफाई नहीं होने से रोगियों और तीमारदारों को दुश्वारियों से जूझना पड़ता है।
इमरजेंसी के पीछे कूड़ाघर
-लोगों को सफाई रखने का संदेश देने वाला अस्पताल प्रबंधन खुद ही सफाई नहीं रख पा रहा। इमरजेंसी के पीछे गंदगी फैली रहती है। लोग यहां पर कूड़ा लाकर डालते हैं। इसकी सफाई नहीं की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि रोजाना ही सफाई की जा रही है।
वायरल बुखार के ये हैं लक्षण
-तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द, खांसी, गले में खराश।
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ये बरतें सावधानी
-गर्म पानी से गरारा करें। मुंह व नाक पर मास्क लगाकर रखें। शुद्ध खाना व पानी का सेवन करें। बाहरी खान-पान से बचें। कटे-फटे फलों को नहीं खाएं। साफ-सफाई का ध्यान रखें।
डॉ. सलीम अहमद, फिजिशियन
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दिन-ओपीडी में बने नए पर्चे
बृहस्पतिवार 1646
बुधवार-1750
मंगलवार-1810
सोमवार-1963
बृहस्पतिवार को भर्ती मरीज -410
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पर्चा काउंटर को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से कार्यदायी संस्था नामित होने का इंतजार है। स्ट्रेचर भी पर्याप्त संख्या में है। सीमित संसाधनों में मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य
राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो मरीजों को स्ट्रेचर पर खींचकर ले जाता तीमारदार। संवाद