शाहजहांपुर। रोजा मंडी के आढ़ती प्रशांत गुप्ता ने रविवार रात रस्सी के सहारे फंदे से लटककर जान दे दी। सोमवार सुबह उनका शव मंडी परिसर स्थित गोदाम में भूसा के ऊपर लटका मिला। परिजन और साथी आढ़तियों का कहना है कि कारोबार न चलने की वजह से प्रशांत मानसिक तनाव में रहते थे। लखनऊ से उनका इलाज भी चल रहा था।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रंगमहला मोहल्ला निवासी प्रशांत गुप्ता (40) की रोजा मंडी में आढ़त है। बड़े भाई शरद गुप्ता ने बताया कि प्रशांत रोज की तरह रविवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले थे। रविवार को मंडी बंद होने के बावजूद वह दोपहर डेढ़ बजे तक आढ़त पर बैठे रहे। उनकी आढ़ पर काम करने वाले दुन्नी लाल भी मौजूद थे। इसके बाद शाम करीब चार बजे तक प्रशांत को दूसरी दुकान पर बैठे देखा गया। मगर देर शाम तक प्रशांत घर नहीं पहुंचे। इंतजार करने के बाद परिवार वालों ने नजदीकी लोगों और रिश्तेदारों को फोन किया, लेकिन प्रशांत का कुछ पता नहीं चला।
सोमवार सुबह से ही परिजन प्रशांत की तलाश में जुट गए। उनकी पत्नी सपना गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोतवाली गईं। भाई शरद गुप्ता के मुताबिक मंडी परिसर में ही उनका गोदाम है। उसमें भूसा भरा हुआ है। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मंडी पहुंचे पल्लेदारों ने गोदाम का शटर खुला देखा। उन्होंने खिड़की से अंदर झांका तो भूसे के ऊपर गोदाम की छत से रस्सी के सहारे प्रशांत की लाश लटकी हुई थी। इसका पता लगने पर परजिन और तमाम आढ़ती मौके पर जा पहुंचे। सूचना मिलने पर पहुंची रोजा पुलिस ने शव नीचे उतारने के बाद पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक प्रशांत की मौत लटकने से हुई थी।
बड़े भाई शरद गुप्ता ने बताया कि पहले लॉकडाउन चलता रहा। पिछले 11 दिनों से मंडी शुल्क को लेकर हड़ताल चल रही है। इससे कारोबार चौपट हो गया है, जबकि खर्चे बरकरार हैं। इसी को लेकर प्रशांत मानसिक तनाव में रहते थे। उधर, दूसरे भाई कमलेश गुप्ता की ओर से रोजा थाने में दी गई तहरीर में लिखा है कि प्रशांत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था। उधर, पुलिस की शुरूआती जांच में कुछ पारिवारिक विवाद भी सामने आया है।
परिवार वालों की ओर से दी गई तहरीर के व्यापारी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनका इलाज भी चल रहा था। डिप्रेशन की वजह से खुदकुशी करने की बात सामने आई है। बाकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
- कुलदीप कुमार, गुनावत, सीओ सदर