शाहजहांपुर। निगोही क्षेत्र के गांव परसौना खलीलपुर में डॉ. आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त करने पर हुए विवाद का पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बसपा नेताओं की मौजूदगी में ग्रामीणों से वार्ता कर शनिवार को समाधान करा दिया। इसके तहत प्रतिमा स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के अलावा ग्रामीणों की अन्य कई मांगों पर सहमति बनने के बाद ही अधिकारी गांव से लौटे।
शुक्रवार की शाम परसौना खलीलपुर में शराब के नशे में गांव के शिवम सिंह ने आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी थी। हालांकि, उसे ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। देर रात उसके खिलाफ एससीएसटी एक्ट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई, लेकिन गांव में तनाव को देखते पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
यही नहीं, देर रात एक बजे से सीओ सदर प्रियांक जैन और एसडीएम रवींद्र कुमार पूरी रात ग्रामीणों को समझाते रहे, लेकिन गांव वाले उनकी अनसुनी करते रहे।
अधिकारियों ने मूर्ति की मरम्मत कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन ग्रामीण राजी नहीं हुए। शनिवार को दोपहर तहसीलदार जय प्रकाश सिंह भी पहुंचे। बाद में बसपा के जिलाध्यक्ष हरिराम कश्यप, द बुद्धिस्ट सोसायटी के जिलाध्यक्ष और शहबाजनगर के प्रधान महेश चंद्र गौतम, बाली विक्रम सिंह, अमित आजाद आदि की मौजूदगी में कई चक्र की वार्ता के बाद गांव के रामचंद्र की चार मांगों पर सहमति बनी।
इसके तहत आंबेडकर पार्क की चहारदीवारी बनाने, पार्क और मूर्ति की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने, पार्क का सौंदर्यीकरण कर वहां नई प्रतिमा लगाने का निर्णय किया गया। इस दौरान निगोही व खुदागंज थाने की पुलिस के साथ एक कंपनी पीएसी के जवान मौजूद रहे।
000
ग्रामीणों से वार्ता कर विवाद का निपटारा करा दिया गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में है और उसे जेल भेजा जाएगा। ग्रामीणों की मांगें उच्च अधिकारियों को भेजी गई हैं।
-जय प्रकाश सिंह, तहसीलदार तिलहर
-
प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वाले युवक पर विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। अभी सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस तैनात रखने का निर्णय किया गया है।
-प्रियांक जैन, सीओ सदर