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Shahjahanpur News: कार्ययोजना पर अमल नहीं...सिर्फ शिकायतों पर पकड़ रहे कुत्ते

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कैंट क्षेत्र में सड़क किनारे घूमता कुत्तों का झुंड। संवाद  
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शाहजहांपुर। सुप्रीमकोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में कुत्तों की नसबंदी तो शुरू करा दी लेकिन इसको लेकर पुख्ता कार्ययोजना नहीं बनाई है। रोजाना आने वालीं 25-30 शिकायतों के आधार पर 20 से 25 कुत्तों की नसबंदी कराई जा रही है। वार्डवार अभियान चलाकर कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन का कार्य होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। ऐसे में कुछ वार्डों में जहां कुत्तों की नसबंदी हो गई है तो कई क्षेत्रों में अब भी कोई कवायद शुरू नहीं की गई है।
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नगर निगम क्षेत्र में करीब 13 हजार कुत्तों को चिह्नित किया गया था। निगम की ओर से पहले कार्ययोजना बनाई गई थी कि प्रत्येक वार्ड में कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कुत्तों की नसबंदी कराने के साथ ही उनका वैक्सीनेशन भी किया जाना है। तकरीबन 10 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी नहीं कराई जाएगी। नसबंदी होने के बाद कुत्ते के कान पर एक कट लगाया जाएगा, जिससे उसकी पहचान हो सकेगी। कार्ययोजना पर अमल करने की जगह केवल शिकायतों के आधार पर कुत्तों को टीम पकड़ रही है।
रोजाना कुत्तों से परेशान लोगों की शिकायत नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी व नगर निगम के कंट्रोल रूम में आ रहीं हैं। टीम अभी इन कुत्तों को पकड़ने का कार्य कर रही है। कुत्तों की नसबंदी के बाद तीन दिन तक सेंटर में रखा जा रहा है। उनकी स्थिति सामान्य होने पर वैक्सीनेशन के बाद उनको वहीं छोड़ दिया जाता है, जहां से उठाया जाता है। लगभग एक महीने पहले एबीसी सेंटर शुरू होने के बाद से 850 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
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शासन के निर्देश पर बनाए जाएंगे आश्रयस्थल
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों से कुत्तों को पकड़कर आश्रयस्थल पर पहुंचाने के आदेश दिए हैं। अभी शासनस्तर से इसकी कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। शासन के निर्देश आने के बाद कुत्तों को पकड़कर आश्रयस्थल पहुंचाया जाएगा। फिलहाल अभी एबीसी सेंटर में कुत्तों की नसबंदी का कार्य ही किया जा रहा है।

मीट की दुकानों के पास रहने वाले कुत्ते ज्यादा आक्रामक
शहर में मीट की दुकानों के आसपास रहने वाले कुत्ते ज्यादा आक्रामक हैं। लाल इमली चौराहे, बहादुरगंज, अंटा चौराहा, जलालनगर आदि क्षेत्रों में मीट की ज्यादा दुकानें हैं। दुकान मालिक मांस के अवशेष नालियों के आसपास डाल देते हैं। कुत्ते इन अवशेष को खाकर आक्रामक हो रहे हैं। लाल इमली चौराहे के पास से बाइक से गुजरने वालों पर ये कुत्ते झपट पड़ते हैं। ऐसे में कई बार हादसे हो चुके हैं।

कुत्तों को पकड़कर नसबंदी का कार्य तेजी से चल रहा है। नसबंदी के बाद कुत्तों को वैक्सीन भी लगाई जाती है। अभी शिकायतों के आधार पर कुत्तों को पकड़ने का कार्य चल रहा है। जल्द ही वार्डस्तर पर अभियान चलाकर कुत्तों की नसबंदी कराई जाएगी।
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- डॉ.बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त
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