शाहजहांपुर। रिश्तेदार पर अमर्यादित टिप्पणी करने की खुन्नस में बुजुर्ग की बर्बर तरीके से हत्या के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
दान सिंह यादव ने कलान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि कोठा गांव के निवासी उसके चचेरे भाई रामनाथ सिंह यादव (70 वर्ष) कलान के परौर रोड पर दस वर्षों से रह रहे थे। उनकी शादी नहीं हुई थी और उन्होंने अपनी सारी जमीन बेच दी थी। 28 मार्च, 2009 को रामनाथ सथरी गांव में रहने वाले अपने मित्र सुरेंद्र सिंह के घर पर रुके थे। दान सिंह ने बताया कि दोपहर में उसे जानकारी हुई कि रामनाथ की तबीयत काफी खराब है। उनके निजी अंग से खून बह रहा है। वह उन्हें बैलगाड़ी से लेकर इलाज के लिए कलान आए। इस बीच उनकी मौत हो गई।
डीजीसी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि सुरेंद्र सिंह, रामनाथ और मिर्जापुर के गांव पैलानी का रहने वाला प्रेमपाल मित्र थे। रामनाथ ने पूर्व में प्रेमपाल के रिश्तेदार पर अमर्यादित टिप्पणी कर दी थी। वारदात की रात तीनों लोग साथ में शराब पी रहे थे। तभी रामनाथ और प्रेमपाल में उसी खुन्नस में कहासुनी शुरू हो गई थी। प्रेमपाल ने रामनाथ को पीटा और रामनाथ के निजी अंग में चोट पहुंचाई। इसी के चलते घाव से अत्यधिक रक्त बह जाने से उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने प्रेमपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने दोषी प्रेमपाल को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।