सर्दी का कहर पिछले दिनों की तरह सोमवार को भी बरकरार रहा। हालांकि, सुबह से छाए कोहरे की घनी परत चीरकर खिली गुनगुनी धूप ने दिन में सर्दी से राहत पहुंचाई, लेकिन शाम होने के साथ फिर से ठंड का अहसास होने लगा। तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद ठिठुरन कायम रही। वहीं नए साल में दो और तीन जनवरी को रिमझिम बारिश की आशंका है। रविवार को देर रात से घना कोहरा छाने लगा। सोमवार को भोर होने पर घरों के बाहर का नजारा धुंध में लिपटा नजर आया। कोहरा छाए होने की वजह से सर्दी का जबर्दस्त प्रकोप रहा और देर तक लोग घरों में ही दुबके रहे। हालांकि, दस बजे के बाद सर्दी और सूरज के बीच जोर-आजमाइश का दौर शुरू हो गया। सूर्य किरणों से गरमाहट महसूस होने पर लोगों ने दिनचर्या शुरू की।
दोपहर तक धूप भी तेज हो गई और इसी के साथ जनजीवन सामान्य होने लगा। घरों में कपड़ों की धुलाई और उन्हें धूप दिखाने के काम में तेजी आ गई। ठंड से ठिठुरते गरीबों के लिए धूप कुदरत की नेमत साबित हुई। शाम चार बजे तक धूप खिली रही, लेकिन सूर्य जैसे ही अस्तांचल की ओर बढ़ा, सर्दी में फिर से बढ़ोतरी होने लगी। गन्ना शोध परिषद क मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार सोमवार को रात का न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री बढ़कर 4.4 डिग्री रिकार्ड किया गया, लेकिन दिन का तापमान दशमलव सात डिग्री घटकर 17.2 डिग्री रह जाने से सर्दी का अहसास होता रहा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को धूप नहीं निकलने और मौसम खराब रहने का अनुमान है।
00
ट्रेनों के संचालन में काम आई फॉग डिवाइस
रविवार रात से घना कोहरा छाए रहने से उत्तर रेलवे की तमाम ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। अप और डाउन श्रेणी की लंबी दूरी वाली अधिकांश ट्रेनें एक से लेकर पांच घंटे तक देरी से यहां पहुंचीं। इस कारण ट्रेनों को डेटोनेटर दागकर और फॉग डिवाइस के सहारे चलाया गया। रेल अधिकारियों के अनुसार फॉग डिवाइस में रेलवे ट्रैक के स्टेशन, सिगनल और क्रासिंग लोकेशन पहले से फीड होने के कारण डिवाइस पांच सौ मीटर पहले से संकेत देना शुरू कर देती है। यह डिवाइस अभी सारी ट्रेनों में नहीं लग पाई है।