रंगपंचमी का जुलूस परंपरागत मार्गों से ही निकालें। इस दौरान कोई नई परंपरा न डाली जाए। यह निर्देश थाना परिसर में हुई शांति समिति की बैठक में एडीएम (प्रशासन) जितेंद्र शर्मा ने दिए। कहा, खुदागंज में रंगपंचमी का ऐतिहासिक महत्व है। इसके स्वरूप से छेड़छाड़ न की जाए।
थाने के उत्तर दिशा में बनी चहारदीवारी को जूलूस के मार्ग में बाधा मानते हुए एडीएम ने थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि चहारदीवारी को तोड़ दिया जाए, ताकि जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से थाने की ओर आ सके। बाद में चहारदीवारी का पुनर्निर्माण करा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में खुदागंज एकमात्र ऐसा कस्बा है जहां रंगपंचमी को रंग खेला जाता है। शांति व्यवस्था और सद्भाव पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रमेशचंद्र भारतीय ने कहा कि शुक्रवार को खुदागंज में रंगपंचमी का जुलूस निकलेगा। सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी समेत कई थानों का फोर्स मौजूद रहेगा। जुलूस से समाज को अमन और शांति का पैगाम मिले, इसका प्रयास होना चाहिए। इस अवसर पर एसडीएम पद्म सिंह, क्षेत्राधिकारी मनोज यादव, पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंह, जिला पंचायत सदस्य बाबू सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृपाशंकर रस्तोगी आदि मौजूद रहे। संचालन थानाध्यक्ष जसवीर सिंह ने किया।