फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नियुक्ति पत्र पाने को भटकते रहे अभ्यर्थी

Mon, 19 Jan 2015 11:49 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशिक्षु शिक्षकों की चयनित सूची में नाम आने के बाद नियुक्ति पत्र पाने के लिए आए तमाम अभ्यर्थियों को बीएसए दफ्तर में पहुंचने पर निराशा हाथ लगी। अभ्यर्थियों की परेशानी तब और बढ़ी नजर आई, जब विभागीय अधिकारियों ने अगली तिथि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इससे अभ्यर्थियों के सामने यह समस्या खड़ी हुई कि वे यहां रुके या घर लौट जाएं।
विज्ञापन

72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 2800 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इसके लिए काउंसिलिंग कराने के बाद चयन लिस्ट में आने वाले 2488 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए बुलाया गया था। नियुक्ति पत्र सोमवार को देने के कार्यक्रम को रविवार रात अचानक स्थगित कर दिया गया था। बावजूद इसके तमाम अभ्यर्थी बीएसए दफ्तर पहुंच गए। इनमें सर्वाधिक अभ्यर्थी दूरदराज के जिलों के थे, जिन्हें स्थगन की सूचना के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी थी।  
ऐसे तमाम अभ्यर्थी बीएसए दफ्तर में नियुक्ति पत्र पाने के लिए इस पटल से उस पटल पर भटकते रहे। उन्हें न तो नियुक्ति पत्र मिल सके और न ही संभावित तिथि के बारे में पता हो सका। तमाम अभ्यर्थियों ने बीएसए दफ्तर में मौजूद रहे खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल से आगामी तिथियों के बारे में पूछा तो उन्होंने अपना और बीएसए का सीयूजी मोबाइल फोन नंबर देकर पूछते रहने की बात कहकर पीछा छुड़ाया। इसके अभ्यर्थी अपने घरों के लिए वापस हो गए।
विज्ञापन


अनहोनी की आशंका
से लगाया पुलिस बल
अभ्यर्थियों के आने के बाद उन्हें नियुक्ति न मिलने की बात पर कोई अभ्यर्थी भड़क न जाए, ऐसी आशंका के चलते बीएसए दफ्तर में पुलिसबल लगा दिया गया। पुलिस बल की मौजूदगी की वजह से वहां पर किसी ने हंगामा करने की कोशिश नहीं की।


छह घंटे से अधिक का
किया सफर: अमित
कानपुर से नियुक्ति पत्र लेने आए अमित कुमार ने बताया कि रविवार को डेढ़ बजे घर से निकले थे। करीब छह घंटे से अधिक यात्रा करने के बाद यहां पहुंचे तो नियुक्ति पत्र देने से मना कर दिया गया।


नियुक्ति जारी होने की तिथि नहीं बता रहा कोई: जावेद
मेरठ से आए जावेद अहमद ने बताया कि आज नियुक्ति पत्र न दिए तो न सही, लेकिन अब कब नियुक्ति पत्र जारी करेंगे? इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहा है।


रात भर सफर के बाद मिली
निराशा: रेनू और मीनू  
मेरठ की ही रहने वाली रेनू और मीनू त्यागी का कहना है कि उन लोगों ने पूरी रात सफर किया, लेकिन यहां आकर पता चला कि नियुक्ति पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। इससे वे काफी निराश हैं।


नियुक्ति पत्र न मिलने से
हो रही मायूसी: पूरन
मथुरा के रहने वाले पूरन सिंह ने बताया कि सर्दी में बस से सफर करके पहले से ही परेशान हो गए थे। यहां नियुक्ति पत्र न मिलने से मायूसी हो रही है।


संभावित तिथि के बारे में
पूछते नजर आए अभ्यर्थी
सहारनपुर से आए परीक्षित हों, बरेली के कपिल देव हो या मेरठ की रहने वाली शिप्रा हों, सभी नियुक्ति पत्र न मिलने से काफी निराश हुए। इन लोगों ने खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल से संभावित तिथि के बारे भी पूछा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें