परौर के गांव दहिलिया में कांबिंग करती वन विभाग की टीम। संवाद
परौर। रामगंगा के किनारे बसे कई गांवों में सियार जैसे जंगली पशु का आतंक है। अब तक इस जंगली पशु के हमले में कई ग्रामीण घायल हो चुके हैं। हालांकि, वन विभाग ने क्षेत्र में सियार होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह देने के साथ कांबिग जरूर शुरू करा दी है।
क्षेत्र के गांव दहेलिया, मंझा, हरिद्वारा और सिमरा मंझा में जंगली जानवर से लोग काफी भयभीत हैं, जो हरिद्वारा के मकरंद व धीरपाल, सिमरा मंझा के बुधपाल, दहेलिया के सर्वेश आदि 10-12 ग्रामीणों को काटकर घायल कर चुका है। बृहस्पतिवार को जंगली पशु ने जटिउरा के सत्यपाल पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। खास बात यह है कि जंगली पशु सोते हुए लोगों पर हमला करता है। कुछ लोग सियार के हमले की बात कह रहे हैं। कुछ लोग किसी बड़े जंगली जानवर होने का दावा कर रहे हैं।
हालांकि, जंगली पशु के हमले की बृहस्पतिवार के बाद से कोई नई घटना सामने नहीं आई, लेकिन डर के कारण किसान रात में खेत पर नहीं जा रहे हैं। ऐसे में छुट्टा जानवरों से उन्हें फसलें बर्बाद होने का डर सता रहा है।
वन विभाग के क्षेत्रीय रेंजर विशाल कुमार रावत ने बताया कि क्षेत्र में वन कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जो सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित क्षेत्र में कांबिंग कर रहे हैं। रेंजर ने वन्य जीव की तलाश पूरी होने तक लोगों को रात के समय घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।
परौर के गांव दहिलिया में कांबिंग करती वन विभाग की टीम। संवाद