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Shahjahanpur News: वार्डों में जाकर जनता से पूछेंगे पार्षद... स्ट्रीट लाइट जल रहीं या नहीं

Tue, 10 Sep 2024 03:16 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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इंदिरानगर में ऋषि आश्रम वाली सड़क पर एक माह से खराब स्ट्रीट लाइट। संवाद
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शाहजहांपुर। शहर में लगीं स्ट्रीट लाइट्स के न जलने को लेकर नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों की नाराजगी जताए जाने के बाद जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जिसमें शामिल छह पार्षद सभी वार्डों में जाकर जनता से पूछेंगे कि आपके क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइट जल रही है या नहीं। उन्हें 15 दिन में रिपोर्ट साैंपनी है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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नगर पालिका के समय में स्ट्रीट लाइट के संचालन का जिम्मा ई-स्मार्ट फर्म को दिया गया था। पालिका से नगर निगम बनने के बाद भी 8900 स्ट्रीट लाइट का ठेका इसी फर्म के पास रहा। पिछले सात वर्षों से स्ट्रीट लाइट की देखरेख कर रही कंपनी की कार्यप्रणाली से पार्षद अब नाराज हैं। शनिवार को बोर्ड बैठक में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के सामने अधिकतर पार्षदों ने आरोप लगाया था कि कंपनी मनमाने ढंग से काम कर रही है।

शिकायत के बावजूद कई-कई दिन तक स्ट्रीट लाइट की मरम्मत नहीं कराई जाती। शहर की कई गलियों में अंधेरा छाया रहता है। वित्त मंत्री के निर्देश पर छह सदस्यीय पार्षदों की कमेटी बना दी गई है। इसमें पार्षद कृष्ण कुमार सक्सेना, सोनी मिश्रा, मनीष गुप्ता, धीरेंद्र सिंह, अनूप गुप्ता और शिवओम सक्सेना शामिल हैं। पार्षद अनूप गुप्ता ने बताया कि जल्द ही टीम जांच शुरू कर देगी। फर्म ने शुरुआत में तो काम ठीक किया था, लेकिन अब लापरवाही बरत रही है। कंपनी के कर्मचारी धांधली करने में लगे हैं।
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पार्षदों का ये भी आरोप है कि कर्मचारियों ने कुछ लाइट चोरी भी की हैं। पार्षद कृष्णकुमार सक्सेना ने बताया कि सभी वार्डों में जाकर सीधा जनता से पूछेंगे कि स्ट्रीट लाइट खराब होने पर उसकी मरम्मत होती है या नहीं। जनता जैसा जवाब देगी, उस हिसाब से रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अन्य पार्षदों से भी फीडबैक लिया जाएगा।

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खुद बनवाईं स्ट्रीट लाइट...अब पार्ट मिलने में दिक्कत

एक पार्षद ने बताया कि स्ट्रीट लाइट को फर्म ने खुद बनवाया है। ऐसे में उसके कुछ पार्ट मिलने में दिक्कत हो रही है। खराब हो जाने पर जल्दी सामान नहीं मिलता। शिकायत करने के कई दिन तक स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं हो पातीं। गलियों में अंधेरा होने से लोगों को परेशानी होती है। छह सितंबर को ई-स्मार्ट फर्म का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में अगर फर्म का समय आगे नहीं बढ़ाया जाता तो फिर नए ठेके तक नगर निगम को ही स्ट्रीट लाइट की मरम्मत की जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी।



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सीसीटीवी कैमरों के एकीकृत करने की भी होगी जांच



बोर्ड बैठक में पार्षदों ने सेफ सिटी के तहत शहरी क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत किए जाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। पार्षदों ने सीसीटीवी कहां लगे हैं, इसकी जानकारी न दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसकी जांच के लिए भी वित्त मंत्री के निर्देश पर गठित टीम में पार्षद रामखिलावन मिश्रा, जगदीश कुशवाहा, अनूप त्रिवेदी, जीशान, विजय बहादुर वर्मा, राकेश कुमार को शामिल किया गया है। ये कमेटी भी 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।







पिछली बोर्ड बैठक में फर्म का कार्यकाल बढ़ाया गया था। इस बार बैठक में शिकायत मिलने पर कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बिपिन मिश्रा, नगर आयुक्त
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