आरसीसी ड्रेन पर भी अभी तस्वीर साफ नहीं
आठ लेन सड़क के साथ दोनों ओर आरसीसी ड्रेन बनाने की योजना है। ड्रेन के भीतर बिजली और संचार की भूमिगत केबल डालने का प्रस्ताव भी है, ताकि भविष्य में सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। टेंडर निरस्त होने के बाद अब ड्रेन, सर्विस लेन और इंटरलॉक के डिजाइन की भी समीक्षा होगी। पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से अलग-अलग लागत के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसमें सड़क का निर्माण बीडीए और ड्रेन-सर्विस लेन का काम पीडब्ल्यूडी से कराने की व्यवस्था पर विचार हुआ था। अब संशोधित डीपीआर में यह भी तय होगा कि इन कामों की जिम्मेदारी किस विभाग की होगी।
जाम से जूझना पड़ेगा शहर को
पीलीभीत बाइपास पर लगातार बढ़ते यातायात के बीच परियोजना का टेंडर रद्द होना चिंताजनक है। इससे लोगों को अभी लंबे समय तक जाम के संकट से जूझना पड़ेगा। सेटेलाइट बस अड्डे से बड़ा बाइपास तक 12 किलोमीटर की दूरी तय करने में अभी करीब 45 मिनट लगते हैं। सेटेलाइट बस अड्डे पर सबसे ज्यादा जाम की समस्या रहती है।
बीडीए के एई संदीप कुमार ने बताया कि पीलीभीत बाइपास रोड के चौड़ीकरण का टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त किया गया है। दोबारा से सर्वे जारी है। आम जन की सहूलियत को लेकर अन्य प्रस्ताव भी नवीन डीपीआर में शामिल होंगे। डीपीआर फाइनल होने के बाद टेंडर संबंधी प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के स्तर से होगी।