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Bareilly News: पीलीभीत बाइपास की आठ लेन परियोजना का टेंडर निरस्त, दोबारा हो रहा सर्वे, फिर बनेगी डीपीआर

Mon, 10 Aug 2026 04:24 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में पीलीभीत बाइपास की आठ लेन परियोजना का टेंडर तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया गया है। इससे करीब 115 करोड़ रुपये की यह परियोजना अब अधर में लटक गई है। बीडीए को अब पूरा खाका दोबारा तैयार करना होगा।
 
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पीलीभीत बाइपास रोड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली शहर को जाम से राहत दिलाने वाली पीलीभीत बाइपास की आठ लेन परियोजना का टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया है। करीब 115 करोड़ रुपये की यह परियोजना अब फाइलों में उलझ गई है। 30 जुलाई को खुलने वाली निविदा रद्द होने के बाद बरेली विकास प्राधिकरण को पूरा खाका दोबारा तैयार करना होगा।

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बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और पीडब्ल्यूडी की टीमें सड़क का संयुक्त सर्वे कर रही हैं। सर्वे पूरा होने के बाद संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनेगी। इसके बाद ही नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, त्रिशूल तिराहे से सेटेलाइट तक 7.40 किलोमीटर लंबे मार्ग को आठ लेन किया जाना है। इसमें दोनों ओर सर्विस लेन, आरसीसी ड्रेन और सीसी इंटरलॉक का भी प्रस्ताव है। 

परियोजना की मुख्य अड़चन अब सड़क की चौड़ाई के साथ-साथ आसपास उपलब्ध जमीन, पेड़ों और अन्य सुविधाओं को लेकर है। संयुक्त सर्वे में आठ लेन और सर्विस लेन के लिए वास्तविक जगह तय की जाएगी। मार्ग में आने वाले पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य अवरोधों को भी चिह्नित किया जाएगा। टेंडर निरस्त होने के बाद परियोजना के डिजाइन और लागत की दोबारा पड़ताल होगी।

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आरसीसी ड्रेन पर भी अभी तस्वीर साफ नहीं
आठ लेन सड़क के साथ दोनों ओर आरसीसी ड्रेन बनाने की योजना है। ड्रेन के भीतर बिजली और संचार की भूमिगत केबल डालने का प्रस्ताव भी है, ताकि भविष्य में सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। टेंडर निरस्त होने के बाद अब ड्रेन, सर्विस लेन और इंटरलॉक के डिजाइन की भी समीक्षा होगी। पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से अलग-अलग लागत के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसमें सड़क का निर्माण बीडीए और ड्रेन-सर्विस लेन का काम पीडब्ल्यूडी से कराने की व्यवस्था पर विचार हुआ था। अब संशोधित डीपीआर में यह भी तय होगा कि इन कामों की जिम्मेदारी किस विभाग की होगी।

जाम से जूझना पड़ेगा शहर को
पीलीभीत बाइपास पर लगातार बढ़ते यातायात के बीच परियोजना का टेंडर रद्द होना चिंताजनक है। इससे लोगों को अभी लंबे समय तक जाम के संकट से जूझना पड़ेगा। सेटेलाइट बस अड्डे से बड़ा बाइपास तक 12 किलोमीटर की दूरी तय करने में अभी करीब 45 मिनट लगते हैं। सेटेलाइट बस अड्डे पर सबसे ज्यादा जाम की समस्या रहती है।

बीडीए के एई संदीप कुमार ने बताया कि पीलीभीत बाइपास रोड के चौड़ीकरण का टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त किया गया है। दोबारा से सर्वे जारी है। आम जन की सहूलियत को लेकर अन्य प्रस्ताव भी नवीन डीपीआर में शामिल होंगे। डीपीआर फाइनल होने के बाद टेंडर संबंधी प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के स्तर से होगी।
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