शाहजहांपुर। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनिगवां में इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण का सामान खरीदने और थाना परिसर में टाइल लगाने की निविदा निरस्त कर दी गई हैं। सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर के आदेश पर हुई जांच में प्रभारी डीडीओ/डीआरडीए के परियोजना निदेशक धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बंडा ब्लॉक के लेखाकार नवीन चंद्र शुक्ला और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता राकेश कौशिक को दोषी पाया है। उन्होंने लेखाकार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही आरईएस के एक्सईएन को जेई के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस तरह निर्माण कार्यों में हुआ घोटाला
ग्राम पंचायत बनिगवां में इंटरलॉकिंग रोड के लिए नाली बनवाने के बाद निर्माणाधीन रोड पर रोड़ी डलवा दी गई, लेकिन निविदा का प्रकाशन बाद में ऐसे समाचार पत्र में कराया, जिसकी जिले में प्रसार संख्या काफी कम है। ग्राम प्रधान सुरेश चंद्र का कहना था कि इस काम के लिए निविदा सूचना गत वर्ष जून में प्रकाशित कराई जा चुकी है, लेकिन इसका वह कोई प्रमाण नहीं दिखा सके। यही नहीं, बाद में प्रकाशित निविदा में नियमानुसार प्रस्तावित कार्यों के बजाय केवल क्रय की जाने वाली सामग्री का उल्लेख किया गया। देर से प्रकाशित निविदा में बंडा थाने में टाइल लगाने के काम का उल्लेख किया गया, जबकि यह काम पहले कराया जा चुका है। अमर उजाला ने गत 15 मार्च को इस मामले का भंडाफोड़ किया तो सीडीओ ने प्रभारी डीडीओ को जांच के आदेश दे दिए। प्रभारी डीडीओ की जांच में यह भी सामने आया कि सीमेंट, मोरंग आदि की खरीद ऐसी फर्म से दर्शायी गई, जिसने निविदा में प्रस्तावित दरों से 0.25 प्रतिशत कम दरों पर सामान देने की हामी भरी। इससे साबित होता है कि निविदा खुलने से पहले ही ठेकेदार से सेटिंग कर ली गई थी।
चेतावनी पाकर बरी हो गए बीडीओ
प्रभारी डीडीओ डीपी सिंह के अनुसार खंड विकास अधिकारी एसके पांडेय ने निविदा प्रकाशन संबंधी गत 18 फरवरी का वह आदेश दिखाया, जिसमें बरेली से प्रकाशित दो प्रमुख समाचार पत्रों समेत लखनऊ से प्रकाशित कम प्रसार संख्या वाले समाचार पत्र का भी उल्लेख है। निविदा लखनऊ के अखबार में छपी, इसलिए बहुत संभव है कि बरेली के समाचार पत्रों को भेजी गई निविदा सूचना की फर्जी रिसीविंग हासिल कर ली गई हो। उन्होंने बताया कि साक्ष्य के बावजूद इस गड़बड़ी को देखते बीडीओ पांडेय को इस आशय की कठोर अंतिम चेतावनी दी गई है कि इस तरह के कृत्य का भविष्य में दोहराव नहीं हो।