शाहजहांपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
एक गांव की रहने वाली महिला ने 13 मई 2020 को बंडा थाने में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि 12 मई को पुवायां के गांव इमलिया का रहने वाला आशीष पाल उनकी 17 वर्षीय बेटी को बहलाफुसलाकर ले गया। इसमें उदयपुर खखरा गांव के छोटे और पुवायां के मोहल्ला गढ़ी निवासी प्रेमशंकर डीजे वाले का हाथ है। काफी तलाश करने पर भी उसका कुछ पता नहीं चल रहा है।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान छोटे और प्रेमशंकर के विरुद्ध सबूत नहीं मिले। किशोरी के बयान व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आशीष पाल के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नुसरत खां ने आशीष पाल को दस वर्ष के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।