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रोजा चीनी मिल में तकनीकी खराबी, हाईवे पर लगी ट्रॉलियों की कतार

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रौसर कोठी। रोजा चीनी मिल नए पेराई सत्र के शुभारंभ के साथ ही तकनीकी खराबी की चपेट में आ गई है। पेराई धीमी गति से होने के कारण ट्रॉलियां हरदोई मार्ग (पलिया-लखनऊ हाईवे) पर खड़ी हो गईं। इससे पांच किमी लंबा जाम लग गया। इस कारण हरदोई और लखनऊ से आने वाले तमाम वाहनों को विपरीत दिशा की लाइन से निकलना पड़ा। मिल प्रबंधन ने कारखाना में आई तकनीकी खराबी ठीक कराने के लिए अन्य मिलों से इंजीनियर बुलाए हैं।
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बृहस्पतिवार शाम पांच बजे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केन कैरियर में गन्ना डालकर और पहली ट्रॉली लाने वाले किसान को सम्मानित कर पेराई सत्र की शुरुआत कराई थी। करीब दो घंटे बाद मंत्री के जाने पर कारखाना की अन्य मशीनरी चालू कर केन कैरियर में एक ट्रॉली गन्ना डाला गया, लेकिन उसमें लगी रबर बेल्ट गन्ना का बोझ नहीं उठा सकी। इस तरह पेराई सत्र की शुरुआत में ही मिल में तकनीकी खराबी के संकेत मिल गए। यांत्रिक अनुभाग के अधिकारी व कर्मचारी पूरी रात खराबी ठीक करने मेें जुटे रहे। शुक्रवार सुबह सात बजे से पेराई शुरू हो सकी। करीब 12 घंटे तक पेराई कार्य पूरी तरह बाधित रहा। लेकिन इस बीच सभी किसान गन्ने से भरी ट्रॉलियां लेकर मिल गेट पर पहुंचते रहे। जिन्हें शुरुआती सप्लाई पर्चियां जारी हो चुकी थीं। नतीजा यह हुआ कि पहले मिल गेट से लालबाग तक आधा किमी तक गन्ना ट्रॉलियों की कतार लगी। किसानों ने हरदोई हाईवे पर ट्रॉलियों की लाइन लगानी शुरू कर दी। सुबह तक जाम में फंसी गन्ना से लोड ट्रॉलियों की जलालपुर और कनेंग गांव की सीमा तक लाइनें लग गईं।
मिल महाप्रबंधक मुनेश पाल सिंह का कहना है कि मांग और क्षमता के अनुरूप गन्ना पेराई नहीं होने से हाईवे पर जाम लगा है। महाप्रबंधक ने बताया कि चीनी मिल के डीसी ड्राइव का पैनल काम नहीं कर रहा है। इस कारण 24 घंटे में 48 हजार क्विंटल की जगह 38 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो पा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले इंडेंट भेजने पर औसतन 60 प्रतिशत ट्रॉलियां गन्ना लेकर आती थीं, लेकिन इस बार पेराई सत्र शुरू होने के बाद से ट्रालियों की आमद शत-प्रतिशत हो गई है। महाप्रबंधक के अनुसार कई अन्य मिलों के इंजीनियर मरम्मत कार्य कर रहे हैं। देर रात तक समस्या सुलझने की उम्मीद है।
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