खुटार (शाहजहांपुर)। खुटार रेंज के जंगल में सागौन के तीन पेड़ काट डाले गए। लकड़ी को गैर जनपद भेजा जाना था। इस बीच सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन दबिश की सूचना एक वनकर्मी ने पहले ही लीक कर दी। इस कारण काफी लकड़ी हटा दी गई। मौके पर लकड़ी के सात बरंगे बरामद हुए हैं।
कोरों और सागौन के बेशकीमती पेड़ काट कर उन्हें ईंधन के रूप में बेचा जाता है। रात में पेड़ काट कर वाहनों से लकड़ी को गैर जनपदों तक सप्लाई किया जाता है। खुटार रेंज की फत्तेपुर और छापाबोझी बीट अवैध कटान के लिए जानी जाती है। एक वनकर्मी की मिलीभगत से जंगल में कीमती पेड़ों पर रोजाना आरा चल रहा है।
दो दिन पूर्व फत्तेपुर बीट में सागौन के तीन पेड़ काट डाले गए। लकड़ी को चिरान कराकर गैर जनपद सप्लाई किया जाना था, लेकिन किसी ने सूचना अधिकारियों को दे दी। टीम को गांव रायपुर पटियात जाकर लकड़ी बरामद करने के निर्देश दिए। दबिश की सूचना वनकर्मी ने लकड़ी काटने वालों को पहले से ही लीक कर दी, जिस वजह से अधिकांश लकड़ी को वहां से हटा दिया। मौके से सागौन के सात बरंगे ही बरामद हो सके हैं। वनकर्मी बरामद लकड़ी को रेंज कार्यालय मैलानी ले गए हैं।
आरा मशीन पर रात में होता है लकड़ी का चिरान
क्षेत्र में एक आरा मशीन पर चोरी की लकड़ी को पटलों, बरंगों आदि में चीर कर पिकअप से गैर जनपदों में सप्लाई करदिया जाता है। जंगल में हालत यह है कि तमाम पेड़ों की शाखाएं ही नहीं हैं। शाखाओं को काट कर ईधन के रूप में खुलेआम बिक्री किया जा रहा है, जबकि सागौन और कोरों की लकड़ी बेहद कीमती होती है।
गांव रायपुर पटियात में सागौन की लकड़ी के सात फ्रेम बरामद हुए हैं। इस मामले में अमरीक सिंह के खिलाफ केस काटा गया है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएस यादव, रेंजर खुटार रेंज