अल्हागंज। भरथौली गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों अव्यवस्थाओं के शिकंजे में है। कुछ माह पहले एक रसोइया से छेड़खानी में प्रधानाध्यापक के जेल जाने के बाद से स्कूल में शिक्षण कार्य पूरी तरह चौपट है। अन्य जरूरी कार्य भी थम गए हैं। सिर्फ एक अनुदेशक और ग्राम प्रधान के सहयोग से बच्चों को मिड-डे मील वितरित हो रहा है।
ग्राम प्रधान इंद्रपाल वर्मा ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने जेल जाने से पहले अपने कार्यालय में ताला लगा दिया था। इस कारण अभी तक बच्चों को न तो वार्षिक परीक्षाफल का वितरण हो सका और न ही अन्य विद्यालय में प्रवेश के इच्छुक बच्चों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी हो रहे हैं। हाल ही में विद्यालय पहुंचे जांच अधिकारी बीईओ नगर नगेंद्र सिंह ने प्रधानाध्यापक कक्ष खुलवाया। जांच करने पर वहां विद्यालय का एसआर रजिस्टर, एमडीएम रजिस्टर, टीसी बुक समेत अन्य जरूरी अभिलेख भी नहीं मिले।
विद्यालय में पिछले सत्र में 102 विद्यार्थी थे। कक्षा आठ के वार्षिक परिणाम आने के बाद करीब 43 बच्चों के अभिभावक परीक्षाफल और टीसी के लिए भटक रहे हैं। भरथौली के गौरव मिश्रा के अनुसार, उनके बेटे अनिकेत को कक्षा आठ का परीक्षाफल और टीसी अभी तक नहीं मिली। बानपुर गांव के धनपाल सिंह का कहना है कि बेटे रजत की टीसी और परीक्षा परिणाम के लिए एक माह में कई बार विद्यालय जा चुके हैं, लेकिन वहां अनुदेशक ही मिलते हैं। टीसी नहीं मिली तो बेटे काे दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाना भी कठिन हो जाएगा।
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मिड-डे मील के वितरण और ऑनलाइन टीसी जारी करने के लिए स्कूल के अनुदेशक को निर्देश दिया गया है। जांच करने गए अधिकारियों ने स्कूल की रिपोर्ट उच्चाधिकारियाें को भेज दी है। इसलिए समस्या का जल्द समाधान होने की उम्मीद है। शिक्षण कार्य के लिए स्कूल में जल्द नियुक्ति होगी।
-शाहीन अंसारी, खंड शिक्षा अधिकारी, अल्हागंज