शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया
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प्राथमिक स्कूलों में समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने से बेसिक शिक्षा पटरी से उतर गई है। एक ओर जहां स्कूल चलो अभियान पर ब्रेक लग गया है, वहीं दूसरी ओर स्कूल बंद होने से करीब एक लाख बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। समायोजन रद्द होने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है और जिन इंचार्ज प्रधान अध्यापकों (शिक्षक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों) के पास स्कूल की चाबियां थीं, उन्होंने स्कूल खोलने भी बंद कर दिए हैं। बीएसए ने स्वीकार किया है कि जिले में लगभग 600 स्कूलों से अधिक में मिड डे-मील प्रभावित हो रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में करीब एक लाख बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। बता दें कि वर्तमान में जनपद के प्राथमिक स्कूलों में लगभग ढाई लाख बच्चे पंजीकृत हैं। कुल 2292 स्कूलों में 6900 शिक्षक तैनात हैं और समायोजन रद्द होने से साढ़े तीन हजार शिक्षक रोजी-रोटी खो चुके हैं। यानि कुल तैनाती के सापेक्ष आधे शिक्षकों की नौकरी खत्म हो चुकी है। इस अनुपात में देखा जाए तो एक लाख के आसपास बच्चों की पढ़ाई फिलहाल बाधित हो रही है। इन स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें और यूनिफार्म वितरण भी ठप हो गया है।