शाहजहांपुर। बीएसए कार्यालय में डीसी एमडीएम निश्चय सिंह और सहायक लेखाकार अरुण कुमार को दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम के दबोचने के बाद शिक्षक संगठनों ने विभाग के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को प्रमुख शिक्षक संगठनाें के पदाधिकारियों ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में बीएसए कार्यालय के परिसर में भ्रष्टाचार का पुतला दहन कर विरोध जताया।
शिक्षक संगठनों के पुतला दहन के नोटिस के बाद बीएसए दिव्या गुप्ता ने विभागीय ग्रुपों पर दस जून तक धारा 163 लागू होने वाली खबर को भेजकर शिक्षकों को संदेश दिया था। इसके बावजूद दोपहर दो बजे शिक्षकों और शिक्षिकाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
सदर पुलिस भी कार्यालय में सक्रिय हो गई। पुलिस ने शिक्षकों से पुतला नहीं जलाने का अनुरोध किया। शिक्षकों ने तर्क दिया कि वह किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का पुतला जला रहे हैं। इसके बाद कार्यालय के गेट पर ही शिक्षकों ने धरना देना शुरू कर दिया। सभा करते हुए विभाग के पहले छापा मारने फिर कार्रवाई के नाम पर वसूली के खेल पर तंज कसा।
इसके बाद कार्यालय के गेट पर भ्रष्टाचार का पुतला पुलिस के सामने ही दहन कर दिया। इसके बाद शिक्षकों ने जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र एडीएम (न्यायिक) को दिया। ज्ञापन में विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने, निलंबित शिक्षकों को सवेतन बहाल करने व लंबित विभागीय कार्रवाई को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्र, जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी, जिला उपाध्यक्ष सरताज अली, यूटा के जिलाध्यक्ष विनीत गंगवार, उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजकमल आर्य, उर्दू शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नफीस अहमद, अश्विनी अवस्थी, नवेंदु मिश्रा, सुनील मौर्य आदि मौजूद रहे।