शाहजहांपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन शुक्रवार को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जनपद में कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी लगन, मेहनत से बच्चों की शिक्षा का स्तर ऊंचा किया। साथ ही स्कूल की काया ही बदल दी। बच्चों को रुचिकर शिक्षा देने के साथ ही नवाचार से अपनी उपयोगिता को सिद्ध कर दिया।
सिंधौली विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय तेरा के प्रधानाध्यापक सरताज अली ने 72 स्क्वॉयर फुट जमीन पर पांच मंजिला किचन गार्डन तैयार किया है। इसके बाद उसमें लौकी, तरोई, खीरा, सेम के बीज रोपित कर उसकी बेल अलग-अलग मंजिलों पर पहुंचा दी। इसी प्रकार अंगूर की बेलें भी तीसरी मंजिल पर फैलाई गईं। भूतल के लिए भिंडी, टमाटर, मिर्च, बैंगन, पालक, मेथी, पुदीना आदि की फसल तैयार की जा रही है। सरताज अली कहते हैं कि यह नवाचार शहरी क्षेत्र के स्कूलों एवं ऐसे विद्यालयों के लिए कारगर साबित हो सकता है। सरताज अली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए नए-नवाचार करते रहते हैं। उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग से जिला स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार, प्राथमिक विद्यालय तेरा को वर्ष 2021-22 में उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार मिल चुका है।
केवी पैटर्न से विनय भट्ठ ने बनाए हाउस, आज मिलेगा राज्य पुरस्कार
शाहजहांपुर। ददरौल ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय सहबेगपुर के सहायक अध्यापक विनय भट्ठ को शुक्रवार को लखनऊ में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अपने विद्यालय में केंद्रीय विद्यालय का पैटर्न लागू कर रखा है। अल्हागंज निवासी भट्ठ ने वर्ष 2009 से निगोही के विद्यालय में तैनात थे। वर्ष 2018 में प्राथमिक विद्यालय इंग्लिश सहबेगपुर में आए। यहां उन्होंने हाउस सेक्शन को लागू किया। शहीदों के नाम पर हाउस बनाते हुए गतिविधियां कराईं। लैपटॉप व प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई शुरू कराई। हर महीने सर्वाधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थी के साथ ही अभिभावकों को सम्मानित किया जाता है। उनका फेसबुक और यू-ट्यूब पर भी चैनल है। संवाद
खेल-खेल में बच्चाें को पढ़ाती हैं माला
निगोही ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रामनगर की सहायक अध्यापक माला राजपूत विद्यार्थियों पर पढ़ाई का बोझ डालने के बजाय खेल-खेल में शिक्षण कार्य करने में विश्वास रखती हैं। अंग्रेजी, विज्ञान के टीएलएम के साथ ही बच्चों को रुचिकर तरीके से पढ़ाती हैं। उन्होंने कक्षाओं को टीएलएम सामग्री से सजा रखा है। इसके अलावा मोबाइल, टीवी और लैपटॉप के जरिये भी शिक्षा दी जाती है। माला बताती हैं कि आईसीटी उपकरण व टीएलएम के जरिये विद्यार्थी आसानी से समझ जाते हैं। गणित और विज्ञान का ज्ञान काफी आसानी से हो जाता है। अंग्रेजी के शब्द, गणित की संख्या काफी जल्दी बच्चे सीख जाते हैं। वह बीएसए की एक्टिव शिक्षकों की टीम में शामिल हैं।
सेवानिवृत्त होने के बाद भी बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हसीब
शहर के मोहल्ला रंगीन चौपाल निवासी हसीब अली वर्ष 2017 में जूनियर हाईस्कूल रोटीगोदाम से सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन उनका बच्चों से प्रेम खत्म नहीं हुआ। वह पिछले आठ सालों से बच्चों का निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। वह प्रत्येक दिन तीन घंटे के लिए स्कूल में आते हैं और बच्चों को निशुल्क पढ़ाते हैं। उनसे मुस्लिम बच्चे उर्दू का ज्ञान पा रहे हैं। हसीब अली बताते हैं कि बच्चों के बीच आने से काफी खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता है। उन्होंने पूरी जिंदगी बच्चों को पढ़ाया है इसलिए अब भी घर में बैठना अच्छा नहीं लगता है। उन्होंने शिक्षा का उजियारा फैलाने की सभी शिक्षकों से अपील की है।
हसीब अली। स्रोत: स्वयं
हसीब अली। स्रोत: स्वयं
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