शाहजहांपुर जिले के 271 शिक्षकों के तबादले के विरोध में अनियमितता का आरोप लगाते हुए संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति ने मंगलवार से जीआईसी खेल मैदान में अनशन शुरू कर दिया। भावलखेड़ा, सिंधौली, कांट, जैतीपुर के शिक्षक अनशन पर बैठे। जनपद के अंदर परिषदीय शिक्षकों के समायोजन व स्थानांतरण को नियम विरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए विभिन्न संगठनों के शिक्षक एक मंच पर आ गए।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षक की सहमति या अनुरोध के बिना स्थानांतरण नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी सामूहिक रूप से समायोजन कर दिया गया। शिक्षकों ने समायोजन से संबंधित नियमावली व मापदंडों को सार्वजनिक करने, सरप्लस व शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकों की सूची प्रकाशित करने की मांग की गई। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मुनीश मिश्र ने कहा कि समायोजन प्रक्रिया में दिव्यांग शिक्षकों, महिला शिक्षकों तथा गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों को 60–70 किलोमीटर दूर समायोजित किया गया, जो स्पष्ट रूप से शासनादेश में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन है।
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शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि समायोजन के नाम पर दर्जनों विद्यालयों को खोलने के बजाय बंद कर दिया गया है। 150 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों का भी दूरस्थ विकास खंडों में समायोजन कर दिया गया, जिससे शैक्षिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यूटा के जिला महामंत्री हरिशंकर, नीस अहमद, यूटा अध्यक्ष विनीत गंगवार, कौमी उर्दू शिक्षक संघ के अध्यक्ष नफीस खां, राजकमल आर्य, संजीव गंगवार आदि मौजूद रहे।