छात्रा से रेप के मामले में टीचर को सात साल की कैद
शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो)/अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम फराह मतलूब ने नाबालिग छात्रा के अपहरण और रेप के मामले में मंगलवार को अभियुक्त को सात साल की कैद और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की धनराशि से 20 हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश भी दिया। अभियुक्त के पिता को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
थाना रामचंद्र मिशन में क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा को चौक कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला और एक प्रतिष्ठित स्कूल का टीचर अमित रस्तोगी घर पर ट्यूशन पढ़ाने आता था। 21 अक्तूबर 2015 को सुबह छह बजे अमित अपने साथी टीचर फराज के साथ नाबालिग छात्रा के घर पर आया और उसकी मां से बेटी को स्कूल में डांस कंपटीशन का फॉर्म भरवाने का बहाना कर भेजने को कहा। किशोरी के पिता उस वक्त घर पर नहीं थे। दोनों छात्रा को बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए। शाम तक बेटी के नहीं लौटने पर पिता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बेटी को गलत नीयत से ले जाने और बेचने की आशंका जताई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी।
चार दिसंबर 2015 को बरेली मोड़ पर किशोरी को पुलिस ने बरामद कर लिया और डॉक्टरी परीक्षण कराया। डॉक्टरी परीक्षण में पीड़िता की उम्र 16 साल की पुष्टि हुई। बयान में किशोरी ने बलात्कार की बात कही थी। विवेचना के दौरान फराज का इस मामले से संबंध नहीं निकलने पर उसे केस से निकाल दिया गया, जबकि अमित के खिलाफ अपहरण, पॉक्सो एक्ट आदि अधिनियम और उसके पिता ओमप्रकाश रस्तोगी के खिलाफ धारा 368 के तहत आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से प्रस्तुत किए गए सात गवाहों के बयान सुनने व चिकित्सीय रिपोर्ट देखने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने डॉक्टरी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर धारा 376 के तहत अमित रस्तोगी को अपराधी माना और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत सात साल की सजा और 10 हजार जुर्माना लगाया। अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सजा और कुल 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।