कहते हैं कि प्रतिभा साधनों की मोहताज नहीं होती। यही बात शहर के मोहल्ला खिरनीबाग निवासी शशांक गुप्ता ने साबित कर दी है। शशांक के पिता पंकज गुप्ता की शहर में चाय की एक दुकान है, जबकि मां पुष्पा गुप्ता एक गृहिणी हैं। पिता से मिली प्रेरणा और अपनी लगन की बदौलत शशांक ने सभी विषयों में डिक्टेक्शन (विशेष योग्यता) लाते हुए 85.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
पंकज गुप्ता ने कहा कि बच्चे को पढ़ाने के लिए वह दिन-रात मेहनत करते हैं। सुबह सात बजे से लेकर रात 10 बजे तक दुकान पर बैठते हैं, ताकि बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की कमी न रह जाए। कहा कि उनके बेटे ने इंटरमीडिएट की परीक्षा से पहले खूब मेहनत करता था। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन देखकर उसके अच्छे मार्क्स आने की उम्मीद थी। उसने सभी विषयों में डिक्टेशन मार्क्स लाकर खुद को साबित कर दिया।