माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटर का परीक्षाफल भले ही समय से पहले घोषित कर दिया हो, लेकिन प्रधानाचार्यों की मनमानी से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि बड़ी संख्या में प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस कार्यालय से अभी तक बोर्ड परीक्षा के अंकपत्र और गजट की प्रति प्राप्त ही नहीं की है, जिस कारण सैकड़ों विद्यार्थियों के सामने अगली कक्षा में प्रवेश मिलने का संकट खड़ा हो रहा है। अंकपत्र के अभाव में छात्र-छात्राओं को प्रवेश फार्म नहीं मिल रहे हैं। जो प्रधानाचार्य मान-मनोव्वल से प्रवेश फार्म जारी भी कर देते हैं, तो उसमें प्रवेश के लिए अगले ही दिन की तारीख डाल देते हैं।
माध्यमिक कॉलेजों में कुछ प्रधानाचार्यों की हठधर्मिता का बोलबाला हमेशा ही रहा है। कोई अंकपत्र या टीसी के बदले धन उगाही करने की नीयत से विद्यार्थियों को परेशान करता है, तो कोई किसी अन्य कारण से छात्र-छात्राओं को ही नहीं, बल्कि अभिभावकों को भी अनावश्यक कॉलेजों के चक्कर लगवाते हैं। डीआईओएस कार्यालय में अंकपत्र और गजट आए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन कुछ प्रधानाचार्यों के पास इतना समय ही नहीं था, जो वह किसी वाहक को भेजकर अंकपत्र और गजट मंगा लेते। यह समस्या हाईस्कूल स्तर के कॉलेजों में अधिक है। अंकपत्र के अभाव में संबंधित कॉलेजों के प्रधानाचार्य टीसी जारी नहीं कर रहे हैं, जबकि संबंधित छात्रों को 11वीं में प्रवेश भी लेना है।
खास बात यह है कि एक दिन पहले ही डीआईओएस कमलाकर पांडेय ने बैठक में प्रधानाचार्यों को निर्देश थे कि जिन प्रधानाचार्यों ने अभी तक अंकपत्र प्राप्त नहीं किए हैं, वह तत्काल कार्यालय से प्राप्त कर छात्रों को वितरित करें। इस मामले में लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद प्रधानाचार्य छात्रों के सामने समस्याएं खड़ी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित हो सकते हैं। डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक लगभग तीस कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने अंकपत्र और गजट नहीं उठाए हैं।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न करें प्रधानाचार्य
डीआईओएस कमलाकर पांडेय का कहना है कि प्रवेश के लिए अंतिम तिथि की अभी तक कोई लिखित सूचना परिषद से प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए बैठक में प्रधानाचार्यों को कह दिया गया था कि छात्र-छात्राओं को प्रवेश के लिए वापस नहीं किया जाए और छात्रहित को देखते हुए सभी प्रधानाचार्य प्रवेश प्रक्रिया पूरी करते चलें। यदि किसी प्रकार की समस्या उनके सामने आती है तो वह तत्काल बताए, उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। प्रवेश से वंचित किसी छात्र अथवा अभिभावक की कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य छात्रहित के नजरअंदाज नहीं कर सकते। जिन्होंने अंकपत्र और गजट प्राप्त नहीं किया है, वह बुधवार को प्राप्त कर टीसी जारी करना सुनिश्चित करें।