शाहजहांपुर। आने वाले बजट से एक बार फिर व्यापारियों और उद्योगपतियों ने उम्मीद लगाई है। कारोबारियों का कहना है कि व्यापार में टैक्स की मार कम होनी चाहिए। साथ ही व्यापार की सहूलियत बढ़नी चाहिए। कारोबार से सबसे ज्यादा टैक्स निकलता है। इसके बावजूद सरकार सहूलियत देने में कंजूसी बरतती है। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार वित्त मंत्री व्यापारियों का ख्याल रखेंगी।
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टैक्स का आतंकवाद कम किया जाए
-सरकार को उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए। उद्यमियों पर लगने वाला टैक्स का आतंकवाद कम किया जाए। उन्हें सुविधाएं और सम्मान दिया जाए। टैक्स यूरोपियों देशों की तरह लिया जा रहा। जबकि सुविधाएं दोयम दर्जे की मिल रहीं हैं।
अशोक अग्रवाल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए
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उद्योगों के लिए सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए
-कर देने वालों को राहत दी जाए। व्यापारियों को किसी भी कर में किसी प्रकार की राहत नहीं मिल रही है। सारे खर्चों और करों के बाद मुश्किल से ही व्यापार और उद्योग चल पा रहा है। इनकम टैक्स में 10 लाख तक की आय टैक्स फ्री कर दी जाए।
रोहित गोयल, उद्यमी
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हर साल बजट से उम्मीदें रहती है, लेकिन वे पूरी नहीं हो पा रहीं। इससे व्यापारी खुद को ठगा महसूस कर रहे है। हमारी मांग है कि जीएसटी की दरों में संशोधन किया जाए। कुछ वस्तुओं पर जीएसटी की दर बहुत अधिक है, इसकी वजह से व्यापार में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। - कुलदीप सिंह दुआ, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल
उम्मीद है कि इस बार का बजट व्यापारी वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। जीएसटी की दरों में संशोधन को लेकर जो मांग की जा रही थी उसके पूरा होने की संभावना है। जिन वस्तुओं में 18 प्रतिशत तक जीएसटी लगता है उनको कम करके छह से आठ प्रतिशत लाया जाए। सरकार को सहूलियत बढ़ाने की जरूरत है।
- सचिन बाथम, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
अशोक अग्रवाल। स्रोत: स्वयं- फोटो : भद्रवाह में झिंझोली पर्व की रस्म पूरी करते श्रद्धालु।
अशोक अग्रवाल। स्रोत: स्वयं- फोटो : भद्रवाह में झिंझोली पर्व की रस्म पूरी करते श्रद्धालु।
अशोक अग्रवाल। स्रोत: स्वयं- फोटो : भद्रवाह में झिंझोली पर्व की रस्म पूरी करते श्रद्धालु।