राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उमड़ी भीड़। संवाद
शाहजहांपुर। निमोनिया होने पर लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति खासतौर पर सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर सर्दी-जुकाम ठीक नहीं हो रहा है तो बिना समय गंवाए डाॅक्टर को दिखाएं। समय से इलाज न मिलने पर निमोनिया जानलेवा हो सकता है।
हर साल 12 नवंबर को निमोनिया के खतरे के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि निमोनिया संक्रमण है, जिसका समय से उपचार नहीं मिलने पर यह प्राणघातक भी हो सकता है। बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। डाॅक्टर की सलाह से दवा लें। बच्चों का सही समय पर टीकाकरण कराएं।
उन्होंने बताया कि निमोनिया कई तरीकों से फैल सकता है। वायरस और बैक्टीरिया अक्सर बच्चों के नाक या गले में पाए जाते हैं। अगर सांस से अंदर चला जाए, तो फेफड़ों में जा सकता है और इसकी वजह से खांसी या छींक के जरिये एक से दूसरे तक पहुंच जाता है। ऐसे में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इसके लक्षण आम फ्लू से काफी मिलते-जुलते होते हैं।
निमोनिया के कारण
- सर्दी से बचाव न करना
- धूल और मिट्टी भरे वातावरण में रहना
- धूम्रपान करना
- मौसम के अनुसार पौष्टिक आहार न लेना
- रात में बहुत देर तक जागते रहना
निमोनिया से बचाव
- वैक्सीन लें
- बच्चों का टीकाकरण कराएं
- स्वच्छता का ध्यान रखें
- धूम्रपान न करें
- पर्याप्त नींद लें
- स्वस्थ आहार खाएं
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उमड़ी भीड़। संवाद