लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर गर्रा नदी के नए पुल पर भारवहन क्षमता जांचने के लिए खड़े ट्रक। संवाद
रोजा। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरदोई बाइपास और बरेली मोड़ के बीच गर्रा नदी के नए पुल की लोड टेस्टिंग के लिए आईआईटी दिल्ली व बंगलूरू के इंजीनियरों की टीम द्वारा पुल के नीचे लगाए गए ताइवानी सेंसर की शनिवार से कड़ी निगरानी शुरू हो गई। इसके लिए निर्माणदायी संस्था के साइट इंजीनियर ने पुल के पास कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
पुल की लोड टेस्टिंग के लिए सटीक आंकड़े देने वाले ताइवानी सेंसर लगाने का काम पूरा करने के बाद विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम शुक्रवार को दिल्ली वापस लौट चुकी है। इधर, सभी सेंसर सही काम कर रहे हैं और उन्होंने पुल से संबंधित डेटा दिल्ली आईआईटी को ऑनलाइन भेजना शुरू कर दिया है।
पुल के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए सेंसर सही तरीके से काम करते रहें और उनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होने पाए, इसके लिए पुल के दोनों ओर कर्मचारी सेंसर की निगरानी कर रहे हैं। गर्रा पुल के साइट इंजीनियर सुरजीत वर्मा ने बताया कि रविवार को भी सुबह से रात तक सभी सेंसर दिल्ली आईआईटी को अपना डेटा भेजेंगे।
वहां मौजूद विशेषज्ञ दो दिवसीय डेटा का अध्ययन और विश्लेषण करके सोमवार से पुल पर वजन डालने के निर्देश देंगे। विशेषज्ञों के निर्देशानुसार पुल पर धीरे-धीरे वजन बढ़ाया जाएगा। यह प्रक्रिया सात दिन जारी रहेगी और अंतिम दिन 400 टन वजन सहित पांच ट्रक पुल पर लाए जाएंगे।