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Shahjahanpur News: लोड टेस्टिंग के लिए गर्रा पुल पहुंचीं ताइवानी मशीनें और सेंसर

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रोजा में नवनिर्मित गर्रा पुल पर लोड टेस्टिंग के लिए खड़े किए गए ट्रक। संवाद
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रोजा। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरदोई बाइपास और बरेली मोड़ के बीच स्थित गर्रा नदी पर बने पुल की भार वहन क्षमता जांचने के लिए वहां ताइवानी मशीनें और सेंसर आदि उपकरण मंगलवार को पहुंच गए।
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नए पुल की दोनों लेन पर मिट्टी से भरे ट्रक भी खड़े कर दिए गए हैं। देर रात तक लोड टेस्टिंग के लिए दिल्ली और कर्नाटक से इंजीनियरों की टीम यहां पहुंचने पर बुधवार से पुल की लोड टेस्टिंग का काम शुरू हो जाने की उम्मीद है।
हाईवे के बरेली मोड़ बाइपास वाले गर्रा पुल का निर्माण कार्य पंच वर्ष पहले शुरू हुआ था। बीच में कई बार बाधाएं आने से पुल निर्माण में देरी हुई। इस बीच, हाईवे पर यातायात बढ़ने के बावजूद नए पुल पर यातायात नहीं शुरू होने से गर्रा पर बने पुराने पुल पर जाम की समस्या होने लगी। इसे देखते पिछले दिनों नए पुल की लोड टेस्टिंग कराई गई।
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इसके लिए चार ट्रकों में 170 टन पत्थर भरकर उन्हें पुल पर निश्चित अवधि तक रोककर जांच की गई। भार वहन क्षमता की जांच के नतीजे संतोषजनक नहीं मिलने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने ताइवान से ऐसी मशीनें और सेंसर मंगाए हैं जो पुल की क्षमता का सूक्ष्मता से आकलन कर सकेंगे। लोड टेस्टिंग का काम आज से शुरू होना था, लेकिन देर शाम तक तकनीकी टीम यहां नहीं पहुंच सकी। टीम में शामिल दिल्ली आईआईटी के प्रोफेसर व बंगलूरू के इंजीनियर देर रात तक यहां पहुंच रहे हैं।
पुल के साइट इंजीनियर सुरजीत वर्मा ने बताया कि देर रात तक टीम के आने की संभावना के कारण लोड टेस्टिंग का काम बुधवार सुबह से शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया पुल के नीचे आधार केंद्र पर बने पोर्टल व पाइल कैप पर 14 सेंसर लगाए जाएंगे। बाद में पूरे पुल पर पांच ट्रकों में 500 बोरी रेत भरकर कुल 400 टन भार डाला जाएगा।
यह ट्रक सात दिन तक यथास्थिति में बने रहेंगे। सेंसर लगाकर टीम वापस आईआईटी दिल्ली चली जाएगी और वहीं से पुल पर लगाए गए सेंसर संचालित करेगी। संस्तुति सहित जांच रिपोर्ट मिलने के 24 घंटे बाद पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
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