वहां से बाइक से अब्दुल्लागंज स्थित मोक्षधाम स्थित ठेकी पर पहुंचा और तख्त के पास कुर्सी पर बैठ गया। ठेकी के कर्मचारी टेनी के अनुसार, उस समय मोक्षधाम में भैरो बाबा की पूजा की जा रही थी। लिहाजा, टेनी व चौकीदार प्रमोद पूजा में शामिल थे। अखिलेश को अकेला पाकर दो गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के समय लाइटें बंद थी। जिस जगह पर अखिलेश बैठा था। वहीं पर लाइट जल रही थी।
माना जा रहा है कि पूरी प्लानिंग के साथ हमलावरों ने घटना को अंजाम दिया। संभावना है कि हमलावर उसके जान पहचान के हैं। भाई राजीव गुप्ता उर्फ राजू ने बताया कि अखिलेश को बातों में उलझाकर दूसरे ने तमंचे से कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस महकमा अलर्ट हो गया।
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पुलिस ने रात में दो करीबियों समेत आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटना के खुलासे के लिए एसओजी, सर्विलांस सेल समेत तीन टीमों को लगाया गया। पुलिस के शक की सुई नजदीकी व्यक्ति पर घूम रही है। पुलिस संपत्ति और पुरानी रंजिश समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
कनपटी के आर-पार हो गई गोली
मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रविवार को पुलिस को प्राप्त हो गई। इसमें उसके दो गोली मारने की पुष्टि हुई। एक गोली कनपटी से कुछ दूरी से मारी गई, जो आर-पार हो गई। दूसरी गोली सीने पर लगी है। वह अंदर ही धंसी रह गई।
अखिलेश पर दर्ज थे 15 मुकदमे
चौक कोतवाली में अखिलेश का नाम काफी विवादित रहा है। सीओ सिटी बीएस वीर कुमार ने बताया कि आरोपी के ऊपर 15 मुकदमे दर्ज हैं। गुंडा एक्ट के साथ हिस्ट्रीशीट भी खुली है। बताते हैं कि अखिलेश काफी दबंग था। वह जरा-सी बात पर लोगों के साथ मारपीट करना शुरू कर देता था।
लाल रंग की कार का कनेक्शन नहीं निकला
राजघाट चौकी से चंद कदम की दूरी पर अखिलेश गुप्ता की हत्या कर दी गई। उसकी मौत के बाद पुलिस ने दौड़भाग शुरू की। मोक्षधाम के पास ही लाल रंग की संदिग्ध कार खड़ी मिली थी। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया। तफ्तीश में लाल कार का कनेक्शन नहीं मिला। सीओ सिटी ने बताया कि कार किसी शराबी की थी।
15 दिन पहले गैराज संचालक से हुआ था विवाद
मृतक की पत्नी तारा गुप्ता ने अखिलेश की हत्या के पीछे 15 दिन पहले हुए विवाद से जोड़ा है। तारा ने बताया कि दवा लेकर आते समय रास्ते में गैराज संचालक ने कार का दरवाजा खोल दिया, जिसके चलते वह गिर गई थी। इसी बात को लेकर अखिलेश से विवाद हुआ था।
गैराज संचालक ने जान से मारने की धमकी दी थी। उसी दिन तारा गुप्ता ने राजघाट चौकी पर दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। चौकी के सिपाही हिमांशु ने एक आरोपी को बुलाकर मामले को टालने का प्रयास किया था। तब उसने आईजी से भी शिकायत की थी। पुलिस ने मामले को हल्के में लिया।
अखिलेश की हैं दो पत्नी व दो बच्चे
मृतक अखिलेश की पहली पत्नी का नाम लक्ष्मी है। इससे एक बेटी सौम्या है। उसने करीब दस साल पहले तारा गुप्ता से शादी की थी। तारा का बेटा सुमित है। परिवार में भाई राजीव उर्फ राजू गुप्ता है। अखिलेश की मौत के बाद परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
एक करोड़ की संपत्ति के सवाल को सुन भड़की तारा
राजकीय मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी के बाहर तारा गुप्ता से पुलिसकर्मी ने एक करोड़ की संपत्ति होने की बात कह दी। इस पर तारा भड़क गई और उसे जमकर खरी-खोटी सुनाई। उसने आरोप लगाया कि 15 दिन पहले हुए विवाद में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते हत्या जैसी घटना हो गई।
एसपी सिटी सुधीर जायसवाल ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस की तीन टीमें घटना के खुलासे के लिए काम कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।