शाहजहांपुर। मदनापुर थाना क्षेत्र के राजपुर चित्ती उर्फ चित्ती गांव निवासी गोविंद सक्सेना (25) की शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 52 घंटे के बाद पुलिस के हाथ हत्यारों के गिरेबान तक नहीं पहुंच पाए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है, जिसमें संदिग्धों के चेहरे स्पष्ट नहीं है।
बाइक की किस्त जमा कर लौटते समय गोविंद से लिफ्ट लेकर दो लोगों ने गोली मार दी थी। वह बाइक भी लूटकर ले गए थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई थी। रविवार को परिजनों ने हत्या की वारदात में लूट की धारा शामिल नहीं करने पर पुलिस कार्यालय और खिरनीबाग चौराहे पर धरना देकर विरोध जताया था। एसपी ने थाना प्रभारी अश्वनी कुमार और हल्का इंचार्ज सत्यवीर को लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया। सोमवार को हद्दफ चौकी के प्रभारी रहे अमित सिंह को मदनापुर में तैनाती दी गई। पुलिस की निगरानी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। वहीं दूसरी ओर घटना के 52 घंटे के बाद भी पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है। एसओजी की टीम भी कुछ तथ्य हासिल नहीं कर पाई। घटना के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं, जिसमें दो संदिग्ध नजर आए हैं, पर उनके चेहरे स्पष्ट नहीं होने से पुलिस की मुश्किल बढ़ गई है। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
घटना के खुलासे के लिए एसओजी को लगाया है। थाने की टीम भी काम कर रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
अमित चौरसिया, सीओ सदर