आशीष त्रिपाठी
शाहजहांपुर। बहुप्रतीक्षित कोलाघाट पुल का निर्माण 15 फरवरी तक शुरू हो जाएगा। अगले सप्ताह कार्यदायी एजेंसी के पक्ष में निविदा प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दो साल में पुल का निर्माण पूरा होगा।
29 नवंबर 2021 को कोलाघाट पर बने पुल का एक पिलर जमीन में धंस गया था। इसके बाद से लाखों लोगों को यातायात की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोलाघाट का यह पुल कलान व जलालाबाद तहसील क्षेत्र को जोड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक, पुल के लिए सरकारी जमीन के साथ ही निजी भूमि की आवश्यकता भी पड़ रही है। इसके लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
1.63 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। शासनादेश के अनुसार, संबंधित किसानों को मुआवजे के तौर पर जमीन की कीमत का चार गुना दिया जाएगा। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद किसानों को मुआवजा देकर अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। संवाद
200 मीटर के दो संपर्क मार्ग बनेंगे
-यह पुल 1802.14 मीटर लंबा और डबल लेन का होगा। प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 2,202.14 मीटर क्षेत्र में निर्माण व विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा। इसमें 200 मीटर के दो संपर्क मार्ग बनेंगेे। रामगंगा और बहगुल नदी पर बनने वाले इस पुल की लागत 137.02 करोड़ रुपये आएगी। नए पुल का निर्माण पुराने पुल के समीप ही किया जाएगा। निविदा की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
विधानसभा चुनाव से पहले सरकार देगी तोहफा
कोलाघाट पुल बनने से लाखों लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। शासनादेश जारी होने के बाद प्रशासन भी पुल के निर्माण को लेकर तेजी दिखा रहा है। 24 महीने की अवधि में पुल बन जाएगा। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के पहले सरकार क्षेत्र के लोगों को पुल का तोहफा देगी।
15 फरवरी तक कोलाघाट पुल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। निविदा और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पुल को तय समय के अंदर बनवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। -धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम