तिलहर/जलालाबाद। तिलहर का धन्योरा गांव बाढ़ के पानी से घिर चुका है। लोगों के सामने जानवरों के लिए चारे का इंतजाम करना भी चुनौती है। विकास भी अपनी भैंसों के लिए चारा लेने गया था और बाढ़ के पानी में डूब गया। साथ चल रहे दोस्त सुनील ने उसे बचाने का प्रयास किया। इस चक्कर में वह खुद डूबते बचा।
पूर्वाह्न 11 बजे चारा लेकर विकास लौट रहा था। उसके पीछे ही दोस्त सुनील भी था। इस बीच विकास लड़खड़ाया और गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बढ़े पानी में जा गिरा। सुनील ने उसे बचाने का प्रयास किया। वह कामयाब नहीं हो सका। उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ देर में आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। गांव के तमाम लोग आ गए। पानी का बहाव तेज था। ऐसे में लोग पानी में उतरने से बचने लगे। फिर भी कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने पानी में उतरकर विकास को तलाश करने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद जहां विकास गिरा था, उससे काफी दूरी पर मिला। विकास के पेट में भरा पानी निकालने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस के वाहन से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की खबर सुनकर परिवारीजन बिलख पड़े।
एसडीएम को कॉल करने के बाद हरकत में आया प्रशासन
बाढ़ के पानी में विकास के डूबने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत ही एसडीएम को फोन कर पूरी जानकारी दी। एसडीएम ने तुरंत ही संज्ञान लिया। उन्होंने पुलिस को फोन कर सूचित किया। लेखपाल को भी भेजा गया। लेखपाल ने पूरी रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को दी है।
बाढ़ से डूबी फसल देखने गया था अमित
जलालाबाद। गांव रामपुर ढका दांडी रामगंगा नदी के पानी से घिर गया है। किसानों की फसल डूब गई है। शुक्रवार को गांव के महिपाल का अविवाहित बेटा अमित अपने खेत की हालत देखने गया था। माना जा रहा है कि वापसी के वक्त उसे पानी का अंदाजा नहीं हुआ। गहरे गड्ढे में बाढ़ का पानी भरे होने के कारण वह उसमें डूब गया। जब उसका शरीर पानी में उतराने लगा तब दोपहर करीब दो बजे गांव वालों की निगाह पड़ी। सूचना पर परिवारीजन मौके पर पहुंचे। अमित तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। तहसीलदार ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा दिलाने का प्रयास रहेगा।