कांट। रामलीला मैदान पर 14 वें दिन मंगलवार को वृंदावन धाम के कलाकारों ने शबरी की प्रेरणा से भगवान श्रीराम-सुग्रीव की मित्रता, बाली का उद्धार, सीता जी की खोज में वन में भटकते श्रीराम-लक्ष्मण और हनुमान जी द्वारा लंका दहन आदि प्रसंगों का मंचन करके श्रद्धालु दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। मेले की व्यवस्था में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राम मुरारी मिश्रा, रामचंद्र मिश्रा, गोविंद शरण पांडेय, सुरेश चंद्र सक्सेना, पुष्पेंद्र मिश्रा आदि का सहयोग रहा। संवाद
यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम-लक्ष्मण को अपने साथ ले गए मुनि विश्वामित्र
मिर्जापुर। कस्बे में चल रही रामलीला में मंगलवार को मुनि विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से यज्ञ की रक्षा को श्रीराम-लक्ष्मण को मांगने, श्रीराम द्वारा ताड़का के वध, अहिल्या उद्धार आदि प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। अयोध्या से आए श्री मां लालते आदर्श रामलीला नाट्य कला केंद्र के कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। व्यवस्था में सत्यवीर सिंह यादव, पप्पू सक्सेना, प्रेम सिंह, रनवीर सिंह, लालू प्रजापति, मुकेश सक्सेना, विशाल जौहरी आदि का सहयोग रहा। संवाद
मनु-सतरूपा की संयुक्त तपस्या का कलाकारों ने किया मंचन
बंडा। श्री रामलीला मेले में वृंदावन से आए श्री राधा सर्वेश्वरी लीला संस्थान के कलाकारों ने मंगलवार को दूसरे दिन मनु-सतरूपा की संयुक्त तपस्या का मंचन किया। इससे पूर्व, भगवान विष्णु की स्तुति वंदना और आरती से मंचन शुरू हुआ। इसके बाद लीला का मंचन किया गया। संवाद
सीता स्वयंवर और कैकई के वरदान प्रसंग का किया भावपूर्ण मंचन
तिलहर। श्री जनता रामलीला समिति की ओर से पोटरगंज के मैदान पर आयोजित रामलीला में मंगलवार को अयोध्या से आए श्री किशोर आदर्श रामलीला मंडली के कलाकारों ने सीता स्वयंवर, सीता जी के कन्यादान और रानी कैकई के वरदान मांगने के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया। मंचन के दौरान मेला समिति के संरक्षक देवेंद्र गुप्ता, प्रबंधक कमलेश गुप्ता, अध्यक्ष नीरज गुप्ता, महामंत्री पंकज गुप्ता, निलेश गुप्ता, हरिमोहन गुप्ता आदि व्यवस्था में लगे रहे। संवाद
श्रीमद भागवत कथा के श्रवण से मृत्यु को मंगलमय बनाना संभव
जैतीपुर। गढ़िया रंगीन के शिव मंदिर परिसर में हो रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को कथावाचक देवकीनंदन ने राजा परीक्षित को मिले शाप का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन केवल सात दिनों में केंद्रित रहता है। इन्ही सात दिनों में जीवन, मरण, सुख, दुख आदि सभी अनुभव प्राप्त होते हैं। राजा परीक्षित को तक्षक नाग के काटने का शाप मिला तो उन्होंने सार्वभौमिक सत्ता का त्याग कर गंगा तट पर श्री शुकदेव जी की शरण ग्रहण की। वहां उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर मृत्यु को भी मंगलमय बना लिया। कथा श्रवण में आयोजक श्री दाऊ जी महाराज के तीर्थ पुरोहित चंद्रशेखर महाराज सहित हरिवंश मिश्र, सुधीर सिंह, अरविंद पाठक, संजीव गुप्ता, मुकेश चंद्र आदि मौजूद रहे। संवाद
बंडा में आयोजित श्री रामलीला मेले में मंचन करते कलाकार। संवाद
बंडा में आयोजित श्री रामलीला मेले में मंचन करते कलाकार। संवाद
बंडा में आयोजित श्री रामलीला मेले में मंचन करते कलाकार। संवाद