इस मौके पर यूनियन के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित किए जाने की मुख्य मांग पूरी होने के कारण प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर धरना भले ही स्थगित किया जा रहा हो, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी नहीं करके सरकार ने किसानों को निराश कर दिया। इस कारण चीनी मिलों से सप्लाई पर्चियां नहीं मिलने पर खेतों में गन्ना जलाना मजबूरी बन गई है। इस बीच, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष तारा यादव, सदर इकाई अध्यक्ष राम प्रताप वर्मा आदि ने नारेबाजी करते हुए गन्ने को आग लगा दी।
धरना समाप्त करने की यूनियन पदाधिकारियों द्वारा अधिकृत घोषणा करने के बाद वहां पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने गन्ना मूल्य का भुगतान समय से कराने का वायदा किया। यूनियन के जिलाध्यक्ष ने चेताया कि सरकार ने गन्ने के घोषित समर्थन मूल्य में लागत के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं की तो भाकियू कार्यकर्ता राष्ट्रीय आह्वान पर एक फरवरी को नेशनल हाईवे जाम कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में रंजीत सिंह, राजेश वर्मा, सुरेंद्र वर्मा, विजय बहादुर, त्रिलोक सिंह, शिव कुमार सिंह चौहान, हबीबउर्रहमान खां, श्याम बाबू प्रजापति आदि शामिल रहे।