पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल के पूर्वकर्मी मंगलवार को विधायक चेतराम के साथ जिलाधिकारी से मिले और बकाया देयकों का ब्याज सहित भुगतान कराए जाने की मांग की।
डीएम को दिए पत्र में पूर्वकर्मचारियों ने बताया कि पुवायां कि किसान सहकारी चीनी मिल को वर्ष 2010 में बंद कर दिया गया था। मिल बंद होने के बाद वीआरएस की घोषणा की गई थी। लगभग साढ़े चार सौ कर्मचारियों ने 15 नवंबर 2011 को वीआरएस ले लिया था। कर्मचारियों को भविष्य निधि, बैठकीय भत्ता, बोनस का भुगतान नहीं किया गया और कहा गया कि भविष्य निधि ब्याज की गणना होने के बाद दिया जाएगा। कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो वह लोग हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की शरण में गए। भुगतान का आदेश होने के बाद भी राशि नहीं मिली तो अवमानना याचिका दाखिल की।
चीनी मिल जीएम ने हाईकोर्ट में धन होन को हलफनामा भी दिया है। चेक लेने जाने पर केवल मूलधन देने की बात कही गई। पूर्वकर्मियों ने ब्याज सहित भुगतान दिलाने की मां की है। डीएम से मिलने के समय विधायक के साथ सर्वेश शुक्ला, सतीशचंद्र, रामेंद्र पाल, रामू, बिजेंद्र शुक्ला, हीरालाल सहित तमाम पूर्व कर्मचारी मौजूद रहे।