जिले में गन्ने भुगतान की बात करें तो बिरला ग्रुप की रोजा शुगर वर्क्स और बजाज ग्रुप की मकसूदापुर चीनी मिल का भुगतान सही नहीं है। वहीं तिलहर और पुवायां में स्थित सहकारी चीनी मिलों में भी करीब 75 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है, जो संतोषजनक स्थिति में है। निगोही चीनी मिल का भुगतान तो 100 प्रतिशत से है।
रोजा चीनी मिल पर 14 दिन पहले तक का गन्ना भुगतान 36.95 करोड़ और मकसूदापुर चीनी मिल पर 55.06 करोड़ रुपये बकाया है। सभी चीनी मिलों का मिलाकर 101 करोड़ 37 लाख चार हजार रुपये बकाया है। इस वजह से जिला प्रशासन और जिला गन्ना विभाग ने इन्हें जल्द भुगतान करने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रोजा चीनी मिल प्रबंधन ने हर दूसरे गन्ना मूल्यों का भुगतान करने का आश्वासन दिया है। उधर, मकसूदापुर चीनी मिल प्रबंधन ने एक सप्ताह का समय मांगा है।
‘रोजा और निगोही चीनी मिल को जल्द भुगतान करने के कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। दोनों ही मिलाें प्रबंधन अधिकारियों ने भुगतान में सुधार करने की बात कही है। किसानों को जल्द ही उनका गन्ना मूल्य मिल जाएगा।’
प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व