फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: दूसरे दिन ही ऐसी सतर्कता...कई जगह सुरक्षाकर्मी नदारद

विज्ञापन
गुरुप्रकाश सिंह। संवाद
विज्ञापन
शाहजहांपुर। दिल्ली में हुए धमाके के बाद सोमवार रात तक सक्रिय रही जिले की पुलिस मंगलवार को बेफिक्र नजर आई। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा समेत सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई। ऐसे में पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन


सोमवार को दिल्ली में हुए धमाके के बाद प्रदेश में अलर्ट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए एसपी खुद निकले थे। रोडवेज बस अड्डे, रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया था। आधी रात तक गाड़ियों के काफिले के साथ अधिकारी सड़कों पर घूमते रहे, लेकिन सुबह होते ही व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौट आई। तिराहों-चौराहों के साथ ही सार्वजनिक स्थानों तक पर पुलिस की चौकसी नजर नहीं आई। शाम को जरूर एसपी ने पुलिस टीम के साथ रूट मार्च किया।


प्लेटफॉर्म से सुरक्षाकर्मी नदारद...गेट पर भी चेकिंग नहीं
पड़ोसी जिले लखीमपुर से आतंकी कनेक्शन मिलने के बावजूद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अफसर संजीदा नहीं दिखे। दिल्ली धमाके के बावजूद मंगलवार दोपहर 12:15 बजे स्टेशन के मुख्य गेट पर लोगों की बगैर रोक-टोक आवाजाही जारी रही। प्लेटफॉर्म से भी सुरक्षा कर्मी नदारद दिखे। इस बीच राज्यरानी एक्सप्रेस आकर रुकी। तब जीआरपी के उपनिरीक्षक रजनीश शुक्ला एक सिपाही के साथ कुछ दूर तक व्यवस्था पर निगाह डालने पहुंचे। ट्रेन जाने के बाद फिर आकर बैठ गए। गाड़ी गुजरने के बाद त्रिवेणी एक्सप्रेस का यात्री इंतजार कर रहे थे, लेकिन अलर्ट होने के बावजूद जीआरपी और आरपीएफ कर्मी थानों में बैठकर ड्यूटी निभाते रहे। प्लेटफॉर्म नंबर दो, तीन, चार और पांच पर भी सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आए। मुख्य गेट के अलावा पार्सल गेट, पूर्वाेत्तर रेलवे स्थित द्वार और मालगोदाम की तरफ से आने-जाने वाले यात्रियों की चेकिंग का कोई इंतजाम नहीं दिखा। रेलवे स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में स्टैंड पर बड़ी संख्या में बाइकें और चार पहिया वाहन खड़े थे, यहां भी सुरक्षा की दृष्टि से कोई नजर नहीं आया।
विज्ञापन


नहीं दिखे रोडवेज बस अड्डे पर सुरक्षा के इंतजाम
दिन में करीब एक बजे रोडवेज बस अड्डे पर आम दिनों की तरह स्थिति सामान्य थी। मुख्य गेट के एक साइड में यातायात पुलिस के दरोगा और चार होमगार्ड खड़े थे। उनकी निगाह रोडवेज बस अड्डे की सुरक्षा के बजाय बिना हेलमेट आने वाले बाइक चालकों पर थी। बस अड्डे के अंदर यात्री बिना रोक-टोक पहुंचकर बसों में सवार हो रहे थे। इस बीच मोपेड पर एक व्यक्ति दो बोरियां लेकर आया और बस में लोड कर दीं। उसकी भी चेकिंग नहीं की गई। इसके अलावा अंदर पेट्रोल पंप के पास खड़ी बस की डिकी में ई-रिक्शे से लादकर लाए गए गत्ते व बोरियों को भर दिया गया। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पूरी तरह लापरवाही दिखी।

टाउन हॉल में नहीं दिखी पुलिस
सबसे व्यस्त रहने वाले टाउनहॉल क्षेत्र में मंगलवार शाम पुलिस नजर नहीं आई। शहीद उद्यान के पास शाम को काफी लोग टहलने और परिवार के साथ समय बिताने आते हैं। इसके बावजूद यहां पर पुलिस की ड्यूटी नहीं लगाई जाती। यहां पर बाबा विश्वनाथ मंदिर है। रोजाना शाम को सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए यहां पर आते-जाते हैं। ऐसे में पुरुष के साथ ही महिला पुलिस की ड्यूटी लगाए जाने की जरूरत है।
-
पर्यटन स्थल हनुमतधाम से भी सुरक्षाकर्मी नदारद
विसरात रोड स्थित पर्यटन स्थल में शामिल हनुमत धाम पर सुरक्षा के इंतजाम मंगलवार की शाम को नहीं नजर आए। नए पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर हनुमत धाम का गेट खुला मिला। यहां पर कोई रोक-टोक करने वाला नहीं था। संदिग्धों की निगहबानी का इंतजाम भी नहीं था। इसी तरह रैन बसेरे से होते हुए हनुमत धाम वाले मार्ग पर भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं दिखे। अंदर एक कार खड़ी थी। लोग आसानी से पहुंच रहे थे। कोई जांच की व्यवस्था नहीं की गई थी।

स्निफर डॉग बीमार, दूसरा मांगा
कई महत्वपूर्ण घटनाओं में उपयोगी साबित होने वाला खोजी डॉग वर्तमान में बीमार चल रहा है। उसकी बीमारी के कारण उससे काम नहीं लिया जा रहा है। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि डॉग स्क्वॉयड की मांग की गई है। जल्द ही दो डॉग मिलने की उम्मीद है।

उठी मांग : निर्दोषों का खून बहाने वालों को न छोड़ा जाए
दिल्ली की घटना निंदनीय और दुखद हैं। बिना किसी राजनीति के ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए। संकट के समय में पूरा देश सरकार के साथ खड़ा है। निर्दोषाें का खून बहाने वाले छोड़े नहीं जाने चाहिए।
- गुरुप्रकाश सिंह होरा, स्कूल प्रबंधक

घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। जिन्होंने भी ऐसा घिनौना कृत्य किया है, उनके खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जिसने भी यह घिनौनी हरकत की है, उसे कानून के तहत ऐसी सजा मिले, जो दूसरों के लिए मिसाल बने।
- मौलाना हुजूर अहमद मंजरी, शहर पेश इमाम

शांति व्यवस्था को भंग करने की बड़ी साजिश की गई। इसकी सही तरीके से जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाए। लंबे अर्से से देश का माहौल सुकून भरा था। ऐसी घटना से हर किसी के दिल में डर और खौफ पैदा हो गया है।
- मोहसिन हसन खां, प्राचार्य, जीएफ कॉलेज

घटना काफी भयावह और असहनीय है। निर्दयी लोगों ने निर्दोष लोगों का खून बहा दिया। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। शांति को पलीता लगाने वालों को कठोर सजा मिले, जिससे कोई दोबारा देश की तरह गलत निगाह नहीं डाल सके।
-पंडित अरुण शुक्ला, पुजारी, दुर्गा मंदिर मंडी

दिल्ली की घटना के बाद चेकिंग कराई जा रही है। खुफिया पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। सार्वजनिक स्थानों व संवेदनशील जगहों पर निगाह रखी जा रही है। सोशल मीडिया की निगरानी भी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। जहां पर आवश्यक होगा, वहां सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
- राजेश द्विवेदी, एसपी

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

गुरुप्रकाश सिंह। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें