पुवायां। जानलेवा हमले में नामजद युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान कर दिया। आरोपी ने दरोगा पर बयानों के लिए थाने बुलाकर गिरफ्तारी दर्शाने और हाथापाई कर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस दौरान वकीलों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई।
गांव नाहिल के वीरेंद्र कुमार ने 16 फरवरी को अपने भाई वकील शैलेंद्र शुक्ला सहित चार लोगों को पीटकर घायल करने पर वकील शिवम शुक्ला, अवनीश, राजेश, ज्ञानेश, अंकित, गोविंद, गोपाल पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिवम पर फायरिंग का आरोप भी था। दूसरे पक्ष से वकील राहुल शुक्ला ने शैलेंद्र शुक्ला, वीरेंद्र शुक्ला, जितेंद्र शुक्ला, धीरेंद्र शुक्ला, योगेंद्र शुक्ला, सतीशचंद्र शुक्ला, मिथलेश कुमारी, आचमन शुक्ला और सात अज्ञात लोगों पर फायरिंग करने और पीटकर घायल करने के आरोप में रिपोर्ट कराई थी।
शिवम शुक्ला के अनुसार शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे एक दरोगा ने फोन कर बयान देने के लिए बुलाया था। थाने पहुंचने पर दरोगा ने उन्हें बंद कर दिया। दरोगा ने फोन छीन लिया, इस दौरान शिवम के हाथ में चोट लग गई। सिविल बार एसोसिएशन के कई वकील भी सीएचसी पहुंचे। इस दौरान वकीलों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
शिवम के भाई ने दरोगा पर मारपीट सहित कई आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। थाना प्रभारी आरके रावत ने कहा कि शिवम गलत आरोप लगा रहा है। शिवम को थाने के पास से पकड़कर चालान किया गया है। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि घटना में नामजद आरोपी अपने बचाव के लिए पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगा रहा है। मेडिकल के लिए कई बार पत्र बदले जाने की जानकारी नहीं है। लगाए जा रहे आरोपों की जांच की जाएगी।
तीन बार बदला पत्र, तब हुआ मेडिकल
शनिवार को पुलिस ने शिवम को मेडिकल के लिए सीएचसी भेजा तो पुलिस की ओर से दिए गए पत्र में चोटों का जिक्र नहीं होने पर डॉक्टर ने मेडिकल करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस दूसरा पत्र लेकर गई तो उसमें फरवरी माह में हुई मारपीट वाले दिन की चोट लिख दी। डॉक्टर ने कई माह पुरानी चोट दिखाए जाने की बात कहकर फिर से मेडिकल से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तीसरे पत्र में हाथ की चोट लिखकर भेजा, तब मेडिकल हो सका। डॉक्टर ने शिवम को एक्सरे के लिए रेफर लिखा है।