शाहजहांपुर। रोडवेज की बसें विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों को लेकर गई हुई हैं। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रहा है। बसों की कमी होने के कारण डग्गामार वाहन खूब मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन यात्रियों को दिक्कत हो रही हैं। उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है, फिर डग्गामार वाहनों पर सवार होकर गंतव्य के लिए जाने को मजबूर हैं।
रोडवेज के पास निगम की 110 और अनुबंधित 76 बसें हैं। इनमें अधिकांश बसों को अन्य जिलों में चुनाव कराने के लिए भेज दिया है। सड़कों पर केवल 18 से 20 बसों का ही प्रतिदिन संचालन हो पा रहा है। ऐसे में डग्गामार वाहन के संचालकों ने रोडवेज के पास से सवारियों को बैठना शुरू कर दिया है और उनसे मनमाना किराया भी वसूल रहे हैं। यात्रियों को पुवायां, बंडा, निगोही, जलालाबाद, तिलहर, कलान आदि लोकल रूट पर भी जाने के लिए अधिक किराया देना पड़ रहा है। बरेली, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, मथुरा के रूटों पर अनुबंधित और प्राइवेट बसों ही चल रही हैं और यात्री उनके सहारे हैं।
अधिक किराया देकर भी नहीं मिल रहा आरामदायक सफर
जो बसें चल रही हैं, उन में भी यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण खचाखच भरकर चल रही हैं। यात्रियों को बैठने के लिए सीट नहीं मिल रही है। वहीं, सिंधौली, पुवायां, निगोही, कांट, तिलहर रूट पर चलने वाले ऑटो में तीन लोगों की सीट पर छह लोग बैठाकर चल रहे हैं। मजबूरन यात्रियों को किराया भी अधिक देना पड़ रहा है।
आठ बजे के बाद दिखाई नहीं देते डग्गामार वाहन
रात आठ बजे के बाद सड़कों से डग्गामार वाहन भी गायब हो जाते हैं। इसके कारण शाम के समय लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। यात्रियों को ठंड में खड़ा होकर घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ यात्रियों को लिफ्ट लेकर टेंपो या ट्रक में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बढ़ाए गए हैं फेरे
दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, लखनऊ, कानपुर रूट पर जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी न हो इसके लिए संचालित बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। इससे अधिक से अधिक लोग अपने गंतव्य तक जा सकें। - संजीव निगम, प्रभारी, रोडवेज अड्डा स्टैंड
शाहजहांपुर में रोडवेज बस न मिलने के कारण टैंपो में बैठे लोग- फोटो : SHAHJAHANPUR