बरतारा के विनोबा सेवा आश्रम में जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राएं व अन्य। स्रोत :
बरतारा (शाहजहांपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के तहत सोमवार को विनोबा सेवा आश्रम इंटर कॉलेज में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को गेहूं, गन्ना, धान आदि फसलें कटने पर उनके अवशेषों का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करने के लाभ बताए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आश्रम के संस्थापक रमेश भैया ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे घर जाकर अपने अभिभावकों को बताएं कि फसल अवशेष जलाने से खेतों की उर्वरा शक्ति घटती है, लेकिन वहीं अवशेष खेत में सड़ा दिए जाने पर अगली फसलों का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. एनसी त्रिपाठी ने कहा कि फसल अवशेष प्राकृतिक रूप से नष्ट करने के लिए बायोडीकंपोजर रसायन भी बाजार में उपलब्ध है। उन्होंने पराली खेतों में पलटने में सहायक मल्चर, रोटावेटर, एमवी प्लाऊ, हैप्पी सीडर आदि कृषि यंत्रों के बारे में भी जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार, प्रसार वैज्ञानिक डॉ. एनपी गुप्ता, डॉ. विमल कुमार सिंह आदि ने उपयोगी जानकारी दीं। इस मौके पर विद्यार्थियों के बीच वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, निबंध, पेंटिंग आदि प्रतियोगिताएं कराई गईं।
प्रश्नोत्तरी में फैजान व जय चंद्र, निबंध में लवप्रीत कौर और अंजू, पेंटिंग में कोमल और शोभा, वाद-विवाद में आयुष विश्वकर्मा और प्रिया प्रथम रहे। सभी विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कृत किया गया। प्रधानाचार्य श्याम पाल सिंह भी मौजूद रहे।