शाहजहांपुर। 18 फरवरी से होने वाली यूपी बोर्ड व सीबीएसई परीक्षा ने छात्र-छात्राओं को दबाव देना शुरू कर दिया है। परीक्षा के दबाव में वे तनाव से जूझने लगे हैं। ऐसे में चिंता, अवसाद, नींद नहीं आने की समस्या लेकर विद्यार्थी डॉक्टर से काउंसलिंग का सहारा ले रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में प्रत्येक दिन तीन से पांच विद्यार्थी पहुंचते हैं, जो आने वाली परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। हाईस्कूल व इंटर के ये छात्र-छात्राएं सिरदर्द, चक्कर आना, बेचैनी, घबराहट, परीक्षा का डर और पढ़ाई में ध्यान नहीं लगने की समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इनकी काउंसलिंग करने के साथ ही दवा भी दी जाती है।
ये बरते सावधानी
-समय का सही प्रबंधन करें, पढ़ाई की समय सारिणी बनाएं और छोटे-छोटे ब्रेक लें।
-मोबाइल से दूरी बनाकर रखें। विशेषकर परीक्षा के दिनों में सोशल मीडिया का कम प्रयोग करें।
-रात में पढ़ाई नहीं करें। देर रात तक जागने से तनाव और बढ़ता है। सुबह या दिन में पढ़ाई करें।
-हल्का व्यायाम करें, सुबह की सैर, योग मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है।
-अभिभावक भी बच्चों को प्रथम रैंक लाने या 99 प्रतिशत अंक लाने का दबाव नहीं बनाएं।
(जैसा राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव वर्मा ने बताया)